नई दिल्ली
जानलेवा महामारी कोरोना वायरस की दूसरी लहर से सबक लेने के बाद सरकार ने अभी से संभावित कोविड की तीसरी लहर के लिए तैयारी शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का दावा था कि थर्ड वेव में सबसे अधिक बच्चे प्रभावित होंगे। केंद्र सरकार ने इस चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए बच्चों के लिए भी वैक्सीन के क्लिनिकल ट्रायल की अनुमति दे दी थी। इसी क्रम में अब सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि कोविशील्ड वैक्सीन निर्माता सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने जुलाई में बच्चों के लिए नोवावैक्स वैक्सीन का क्लिनिकल ट्रायल शुरू करने वाला है।
 
बता दें कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की तरफ से अभी इस खबर की पुष्टि नहीं की गई है लेकिन संबंधित सूत्रों का कहना है कि कंपनी जुलाई से बच्चों पर नोवावैक्स वैक्सीन के ट्रायरल शुरू करने की योजना बना रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सीरम इंस्टीट्यूट सितंबर, 2021 तक देश में अमेरिकी कंपनी नौवावैक्स की कोविड वैक्सीन के आने की उम्मीद कर रही है। इससे पहले मंगलवार को भारत सरकार की तरफ से कहा गया था कोविड-19 के खिलाफ नोवावैक्स वैक्सीन की प्रभावशीलता के आंकड़े आशाजनक और पॉजिटिव हैं।

 वहीं दूसरी ओर अमेरिकी वैक्सीन निर्माता कंपनी नोवावैक्स को कोरोना वायरस के वैरिएंट के खिलाफ 93 फीसदी असरदार बताया है। अमेरिका और मेक्सिको में किए गए बड़े और लास्ट फेज की स्टडी में यह बात सामने आई है। अमेरिकी बायोटेक फर्म ने सोमवार को बताया कि वैक्सीन का शॉट रोगसूचक कोविड को रोकने में 90 फीसदी प्रभावी है। वहीं मध्यम और गंभीर लक्षणों को रोकने में 100 फीसदी असरदार है। इसके साथ ही यह भी दावा किया गया है कि कोरोना के अलग-अलग वैरिएंट पर वैक्सीन का शॉट 93 प्रतिशत प्रभावकारी साबित होगा।

Source : Agency