ग्वालियर
झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की शहादत की 163 वीं वर्षगांठ पर उनकी समाधि पर दो दिवसीय वीरांगना बलिदान मेला शहीद ज्योति यात्रा के साथ कल शुरू होगा। ग्वालियर के करीब 61 चैराहों तिराहों पर एक ही समय 21-21 दीप शहीदों के नाम प्रज्वलित किए जाएंगे।

विगत 21 वर्षों से आयोजित किए जाते रहे बलिदान मेला का 22 वां पुष्प कोविड गाइडलाइन के अनुसार मनाया जा रहा है। बलिदान मेला समिति के अनुसार 17 जून को 7.00 बजे झांसी किले से शहीद ज्योति यात्रा पड़ाव पहुंचेगी, वहां से गणमान्य समारोह पूर्वक समाधि में जाकर 7.30 बजे स्थापित करेंगे। साँय 7.45 बजे शहर के 61 प्रमुख चौराहों तिराहों पर वीरांगना के चित्र के समक्ष 21 दीप शहीदों के नाम जलाये जाएँगे तथा राष्ट्रगीत का समवेत गायन होगा । ज्योति यात्रा की अगवानी मेला के संस्थापक अध्यक्ष व पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया सिंह व सांसद विवेक नारायण शेजवलकर करेंगे।

18 जून की सुबह 8.00 बजे समाधि स्थल पर आयोजित श्रद्धांजलि के अवसर पर कोरोना संकट के समय प्राण जोखिम में डालकर मानवता की सेवा करने वाली साथ मातृशक्ति को वीरांगना के नाम सम्मान प्रदान किया जाएगा । इनमें तीन महिला डॉक्टर एक नर्स, एक महिला पुलिस अधिकारी व दो स्वच्छता कर्मी को प्रतिनिधि स्वरूप चयनित किया गया है ।
श्रद्धांजलि स्थल पर शहर के 20 प्रतिनिधि बैठने की ही व्यवस्था की गई है 18 की शाम 8.25 बजे  वर्चुअल कवि सम्मेलन में ओजस्वी कवि विनीत चैहान व शशिकांत यादव काव्यांजलि देंगे।

 

Source : Agency