मोबाइल फोन उपयोग के मामले में भारत चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा देश है, लेकिन फोन तोडऩे के मामले में भारत ने सबको पीछे छोड़ दिया है। भारत में कुल मोबाइल फोन ग्राहकों में लगभग दो तिहाई लोग अपने फोन की स्क्रीन तोड़ चुके हैं। इसमें भी रोचक तथ्य यह है कि भारत में महिलाएं पुरुषों की अपेक्षा मोबाइल फोन ज्यादा गिराती हैं। एक सर्वे के मुताबिक गिरकर खराब हुए मोबाइल फोन में 58 फीसदी मामले महिलाओं द्वारा फोन गिराने के रहे हैं।

आठ माह में ही टूटे फोन
एक ताजा सर्वे के मुताबिक 50 प्रतिशत से अधिक लोगों के स्मार्टफोन की स्क्रीन अमूमन स्मार्टफोन खरीदने के आठ महीने के अंदर टूट जाते हैं। यात्रा करते समय, भीड़ से भरी ट्रेन या बस में चढ़ते या उतरते समय, कई काम एकसाथ करते समय, सेल्फी लेते समय अक्सर मोबाइल गिरकर टूट जाते हैं या खराब हो जाते हैं। गेजेट एवं इलेक्ट्रॉनिक्स सुरक्षा कंपनी 'आनसाइटगोÓ ने बीते एक साल के दौरान मरम्मत के लिए आए 4,000 से अधिक स्मार्टफोन के खराब होने के पीछे के कारणों का विश्लेषण किया। सर्वे के अनुसार, सेल्फी लेते समय फोन गिरने की घटना सर्वाधिक होती है और इसमें शायद ही किसी को यह मानने में परेशानी हो कि महिलाएं सेल्फी की दीवानी अधिक होती हैं।

जागरूकता की कोशिश
वास्तव में यह सर्वे मोबाइल फोन के प्रयोग के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए तथा मोबाइल को टूटने से बचाने के लिए किया गया। अगर लोगों को समझाया जाए कि मोबाइल फोन कौन सी स्थिति में टूट सकता है तो वे उन परिस्थितियों में अधिक सतर्कता बरत सकते हैं। सर्वे में पाया गया कि मरम्मत के लिए आए सर्वाधिक स्मार्टफोन में स्क्रीन टूटने की समस्या रही। मोबाइल फोन की स्क्रीन गिरने से टूटती है। गोरिल्ला ग्लास जैसे अत्याधुनिक तकनीक और टेम्पर्ड ग्लास के उपयोग से स्क्रीन खराब होने का खतरा कम होता है फिर भी इससे पूर्ण सुरक्षा नहीं मिलती।

टूटे फोन का इस्तेमाल
सर्वे से मिले कुछ रोचक तथ्यों पर गौर करें तो 36 प्रतिशत भारतीय फोन की स्क्रीन के टूटने के बाद भी या उंगली कटने के बावजूद उसका प्रयोग करते रहते हैं। 37 प्रतिशत भारतीयों के मुताबिक मरम्मत का खर्च सर्वाधिक है। 50 प्रतिशत भारतीय तो अपनी ही गलती से मोबाइल खराब करते हैं। विश्वभर में 50 फीसदी से भी ज्यादा लोग अब तक कम से कम एक बार अपने फोन की स्क्रीन तोड़ चुके हैं। भारत में 65 फीसदी से भी ज्यादा मोबाइल फोन उपभोक्ता कम से कम एक बार अपने फोन की स्क्रीन तोड़ चुके हैं। इस मामले में सबसे अच्छा रिकॉर्ड यूएस का है। यहां औसतन 34 फीसदी लोग अब तक कम से कम एक बार स्क्रीन तोड़ चुके हैं। 42 फीसदी लोग ऐसे हैं जो मोबाइल की स्क्रीन टूटने के बाद उसका रिपेयर कराते हैं। परंतु 23 फीसदी ऐसे लोग हैं जो टूटी स्क्रीन के साथ ही फोन का उपयोग करते हैं।

Source : Agency