सिकटी (अररिया)  
मंगलवार की देर रात हुई बारिश व नेपाल जल अधिग्रहण क्षेत्र से पानी छोड़े जाने के बाद सिकटी प्रखंड क्षेत्र होकर बहने वाली नूना नदी उफना गई। इस उफनाई नदी का पानी निचले इलाकों में फैल जाने से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। बुधवार की सुबह से पानी इस कदर बढ़ा कि सालगोड़ी, कचना, कठुआ, सालगोड़ी मुसहरी, बांंसबाडी, पड़रिया आदि आधा दर्जन गांव  के निचले इलाकों में पानी घुस गया। इससे करीब पांच हजार की आबादी प्रभावित हो गई है।  इस कारण लगातार बाढ़ की झेल चुके लोगों के बीच दहशत का माहौल है।

इधर नूना नदी की नयी धारा के मुहाने स्थित प्रावि ईदगाह टोला दहगांव का भवन भी ध्वस्त होने के कगार पर हैं। पीछे साल से ही कटाव जारी रहने से एक दीवार पहले ही नदी में विलीन हो चुका है। इस कारण विद्यालय प्रबंधन ने भवन को खाली करा दिया है।  पड़रिया के पंसस प्रतिनिधि परवाज आलम, नादिर, सहबाज, दहगांव के मो. माजो आदि ने बताया कि हर साल हमलोग बाढ़ व फसल नुकसान का दर्द भोगते हैं।
 
बताया कि सुबह अचानक गांव में पानी फैलते ही आफरातफरी मच गई। इन ग्रामीणों ने बताया कि हमलोग वेच एंड वाच की स्थिति में है पानी घटना तो ठीक अन्यथा ऊंचे स्थानों पर पलायन के लिए तैयार हैं।  पड़रिया मुखिया मो. ताहिर ने बताया कि नूना की  नई धारा पड़रिया के लोगों के लिए   बडी मुसीबत लेकर आया है।  थोड़ी बारिश में ही यह  लोगों को परेशानी में डाल देता है। सिकटी सीओ वीरेन्द्र  कुमार सिंह ने बताया कि नेपाल से एक मुश्त पानी आने वजह से नूना नदी में बाढ की स्थिति उत्पन्न हुई है। फिलहाल स्थिति सामान्य है। विशेष परिस्थिति के लिए सभी तैयारियां पूरी की जा रही है।

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