सोफिया
 अमित धनखड़ को अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के अंतिम चरण में टोक्यो खेलों के लिए क्वालीफाई करने का मौका मिला है और यह अनुभवी पहलवान गुरुवार से शुरू हो रहे विश्व ओलंपिक क्वालीफायर में 11 अन्य भारतीय पहलवानों के साथ अपना सब कुछ झोंकने के इरादे से उतरेगा। तीन बार के राष्ट्रमंडल चैंपियन 32 साल के धनखड़ अधिकतर मौकों पर बड़ी प्रतियोगिताओं से बाहर रहे क्योंकि अपने करियर के दौरान उन्हें 66 किग्रा में योगेश्वर दत्त को पछाड़ने के लिए जूझना पड़ा।

धनखड़ ने पिछला बड़ा पदक चीन के शियान में 2019 एशियाई चैंपियनशिप के 74 किग्रा में रजत पदक के रूप में जीता था। ट्रायल में हार के बाद धनखड़ की टोक्यो खेलों के लिए क्वालीफाई करने की उम्मीद टूट गई थी लेकिन अल्माटी में एशियाई क्वालीफायर में राष्ट्रीय चैंपियन संदीप सिंह मान के खराब प्रदर्शन के बाद राष्ट्रीय महासंघ ने धनखड़ को सोफिया में मौका देने का फैसला किया। धनखड़ ट्रायल में दूसरे स्थान पर रहे थे। दुनिया के सभी पहलवानों के लिए स्थगित हो चुके टोक्यो खेलों के लिए क्वालीफाई करने का यह अंतिम मौका है। इस प्रतियोगिता में विभिन्न वर्गो में सात ओलंपिक पदक विजेता दावेदारी पेश करेंगे। फाइनल में जगह बनाने वाले दो खिलाड़ी ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करेंगे।

फ्रीस्टाइल वर्ग में धनखड़ के अलावा 2018 राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियन सुमित मलिक (125 किग्रा) और सत्यव्रत कादियान (97 किग्रा) भी चुनौती पेश करेंगे। मलिक के पास अल्माटी में क्वालीफाई करने का मौका था लेकिन उन्होंने इसे गंवा दिया। महिला वर्ग में सीमा बिस्ला (50 किग्रा) भारत की सबसे मजबूत दावेदार हैं। विनेश फोगाट के 53 किग्रा में जाने के बाद सीमा ने अच्छा प्रदर्शन किया है। हाल में एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने से उनका मनोबल बढ़ा होगा।

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