ट्विटर के देसी विकल्प 'कू' में एक नया फीचर जुड़ गया है, जिसके ज़रिए अब यूज़र्स अब बोलकर अपना मैसेज भेज सकेंगे. इस फीचर का नाम ‘Talk to type’ रखा गया है, और इससे अब यूज़र्स बोलकर मैसेज को टाइप कर पाएंगे. खास बात है कि ये फीचर देश की सभी रीजनल लेंग्वेज को सपोर्ट करता है. यानी अब पोस्ट लिखने के लिए स्मार्टफोन पर टाइपिंग की ज़रूरत नहीं होगी. Koo का कहना है कि ये फीचर उनके लिए बहुत काम का साबित होगा जिन्हें लोकल भाषा टाइप करने में परेशानी का सामने करना पड़ता है. और यूज़र सिर्फ बोल कर अपनी भाषा में टाइप कर सकते हैं.

Koo पहला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है जिसने इस फीचर को लॉन्च किया है. ये फीचर यूजर्स को फेसबुक, ट्विटर या किसी दूसरे ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर नहीं मिलेगा.

ये ऐप अभी हिंदी, अंग्रेजी, कन्नड़, तेलुगु, तमिल, बंगाली और मराठी भाषाओं को सपोर्ट करता है. कंपनी का दावा है कि इन सारी क्षेत्रीय भारतीय भाषाओं में ‘टॉक टू टाइप’ फीचर देने वाला ‘कू’ दुनिया का पहला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है.

भारत सरकार के पिछले साल दिए गए चैलेंज आत्मनिर्भर भारत में Koo ऐप विनर बना था. Koo के को-फाउंडर Mayank Bidawatka ने कहा है ये फीचर भारत के क्रिएटर्स को ध्यान में रखकर बनाया गया है. जानकारी के लिए बता दें कि Koo को माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म के तौर पर पिछले साल मार्च में लॉन्च किया गया था.

इसे भारतीय भाषाओं में एक माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म के रूप में बनाया गया था. Koo पर यूज़र किसी भी अनजान कू यूज़र को मैसेज नहीं कर सकते हैं और अगर आपको किसी को मैसेज करना है तो आपको उनसे परमिशन लेनी होगी.

Source : Agency