शेखपुरा
बिहार में कोरोना की स्थिति दिनोंदिन बदतर होती जा रही है। संक्रमित मरीजों के साथ मौत का ग्राफ भी बढ़ता ही जा रहा है। वहीं दूसरी ओर प्रदेश में कोरोना से मौत पर अपने ही मुंह मोड़ रहे हैं। कोरोना काल के शुरूआती दिनों में साल 2020 में ऐसे काफी केस देखने को मिले थे। ऐसा ही एक मामला शेखपुरा जिला में देखने को मिला जब शहर के गोला रोड निवासी 28 साल के पंकज चौरसिया की पटना में इलाज के दौरान मौत हो गई तो परिजन कोरोना के डर से शव को एक होटल के पास रखकर परिजन भाग गये। बाद में पुलिस की मदद से शव का अंतिम संस्कार किया गया। मृत पंकज को सांस लेने में तकलीफ थी। हालांकि, मृतक की कोरोना जांच नहीं करायी गयी थी।

परिजन ने बताया कि तीन दिन पहले अचानक सांस लेने में तकलीफ होने पर युवक को पटना ले जाया गया था। गुरुवार की अहले सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सबसे दुखद पहलू यह है कि कोरोना से मौत की आशंका को लेकर परिजन शव को शेखपुरा तो लाये। लेकिन, स्टेशन रोड स्थित मृतक के होटल के आगे शव को छोड़ दिया। बाद में आसपास के लोगों ने इसकी सूचना सदर थाने की पुलिस को दी। थानाध्यक्ष विनोद राम ने बताया कि काफी समझाने के बाद परिजन आये और तब जाकर श्मशान घाट पर शव का अंतिम संस्कार किया गया। मृतक के एक अन्य भाई को भी सांस लेने में दिक्कत है। उनका पटना में इलाज चल है।

 

Source : Agency