नई दिल्ली
पतंजलि आयुर्वेद के फाउंडर योगगुरु रामदेव अकसर किसी न किसी वजह से चर्चा में रहते हैं। कोरोना काल में पतंजलि की चर्चा कोरोनिल दवा की वजह से हो रही है। पतंजलि आयुर्वेद को चलाने वाले लोगों में रामदेव के भाई भी शामिल हैं। इसके अलावा उन्हें रामदेव की एक अन्य कंपनी रुचि सोया में भी बड़ी जिम्मेदारी मिली हुई है।

कौन है रामदेव के भाई भरत: राम भरत बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद का रोजमर्रा का काम देखते हैं। उन्हें बीते साल ही रुचि सोया में भी प्रबंध निदेशक (एमडी) के तौर पर नियुक्त किया गया है। आपको बता दें कि राम भरत ने पतंजलि ग्रुप में मैनेजर के तौर पर शुरुआत की थी और धीरे-धीरे चीफ जनरल मैनेजर के पद तक पहुंचे। अक्टूबर 2017 में उन्हें आधिकारिक तौर पर पतंजलि आयुर्वेद के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल किया गया था।

बताते हैं कि पतंजलि आयुर्वेद के दैनिक कामकाज की जिम्मेदारी राम भरत के कंधों पर है। मैन्युफैक्चरिंग के लिए खरीद, सप्लाई चेन, रिक्रूटमेंट से लेकर रोजाना कैश फ्लो तक का काम वह संभालते हैं।

वैसे तो रामदेव के भाई मीडिया से दूर ही रहते हैं लेकिन वह 2015 में पहली बार तब सुर्खियों में आए थे जब ट्रक यूनियन और पतंजलि आयुर्वेद परिसर के गार्डों के बीच झड़प हुई थी।

इस पूरे विवाद में राम भरत का नाम सामने आया था। उन्हें न्यायिक हिरासत में भी भेजा गया था। भरत भाई के नाम से जाने जाने वाले राम भरत को आमतौर पर कुर्ता पायजामा पहनना पसंद करते हैं।

रामदेव की एक अन्य कंपनी रुचि सोया में भरत को मैनेजिंग डायरेक्टर बनाया गया है। उनका कार्यकाल 19 अगस्त 2020 से शुरू है और 17 दिसंबर 2022 तक एमडी बने रहेंगे। वहीं, आचार्य बालकृष्ण को कंपनी का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक राम भरत को सालाना सिर्फ 1 रुपये की सैलरी मिलेगी।

कहने का मतलब ये है कि रामदेव के भाई प्रतीकात्मक रूप से ही सैलरी लेंगे। बता दें कि पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2019-20 में 21.56 प्रतिशत मुनाफा कमाया था। यह मुनाफा 424.72 करोड़ रुपये का रहा। इससे एक साल पहले 2018-19 में 349.37 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। हालांकि, वित्त वर्ष 2020-21 के नतीजे अभी नहीं जारी किए गए हैं।

Source : Agency