नई दिल्ली
एक अगस्त को देश के चार ने राज्य/केंद्र शासित प्रदेश वन नेशन वन राशन कार्ड स्कीम से जुड़े हैं। ये प्रदेश हैं जम्मू कश्मीर, मणिपुर, नागालैंड और उत्तराखंड। आज कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्टर रामविलास पासवान ने वन नेशन वन राशन कार्ड स्कीम की प्रोग्रेस का अवलोकन किया। यह स्कीम 20 राज्यों में पहले से लागू है। इस तरह अब कुल 24 राज्यों में यह स्कीम लागू हो गई है।

65 करोड़ लाभार्थियों को मिलेगा लाभपासवान ने ट्वीट कर कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (National Food security Act) के तहत आने वाले इन 24 राज्यों के 65 करोड़ से ज्यादा लाभार्थियों को वन नेशन वन राशन कार्ड के तहत इन राज्यों में कहीं भी निवास करते हुए वहीं अपने हिस्से का अनाज प्राप्त करने की सुविधा होगी जिससे दूसरे राज्यों में काम करने वाले लाभान्वित होंगे।


31 मार्च तक सभी राज्यों को जोड़ने का लक्ष्य
पासवान ने कहा कि 31 मार्च 2021 तक देश के सभी राज्यों कोवन नेशन वन राशन कार्ड योजना से जोड़ दिया जाएगा और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आने वाले सभी 81 करोड़ लाभार्थियों को इसका लाभ मिल सकेगा।

1 जून को योजना स्कीम लागू हुई थी
कोरोना संकट के बीच एक जून को देश में 'वन नेशन वन राशन कार्ड' को लागू किया गया था। इसकी शुरुआत 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से हुई थी। इस योजना के तहत देश के गरीबों को किफायती कीमत पर राशन मिलता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आत्मनिर्भर राहत पैकेज की घोषणा के दौरान इसका जिक्र किया था। यह लागू होने के बाद राशन कार्ड का फायदा देश के किसी कोने में उठाया जा सकता है।

वर्तमान में क्या है नियम?
राशन कार्ड का वर्तमान नियम यह है कि आपका राशन कार्ड जिस जिले का बना है, उसी जिले में राशन मिल सकता है। जिला बदलने पर भी इसका फायदा नहीं मिल पाता है। कोरोना संकट के समय में गरीबों तक राहत पहुंचाना इस नियम के कारण बड़ी चुनौती थी। इसलिए सरकार ने कहा कि राशन कार्ड नहीं होने पर भी उसका फायदा फिलहाल मिलेगा।

सस्ती कीमत पर मिलता है अनाज
राशन कार्ड का फायदा BPL (गरीबी रेखा के नीचे) कार्डधारकों को मिलता है। इसके तहत उन्हें सस्ती कीमत पर अनाज मिलता है। वन नेशन, वन राशन कार्ड लागू होने के बाद गरीबी रेखा के नीचे वाले लोग किफायती कीमत पर देश के किसी कोने में राशन खरीद सकते हैं।

Source : Agency