महाराष्ट्र

शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र के लिए मंजूर हुए 26,000 करोड़ रुपये के पेट्रोकेमिकल एवं फर्टिलाइजर प्रोजेक्ट को मध्य प्रदेश भेज दिया गया है। आदित्य ठाकरे ने कहा कि यह प्रोजेक्ट विदर्भ को मिलने वाला था, लेकिन इसे महाराष्ट्र से छीनकर मध्य प्रदेश को दे दिया गया। आदित्य ठाकरे ने कहा कि मध्य प्रदेश में इसी साल चुनाव होने वाले हैं। इसलिए यह प्रोजेक्ट भाजपा सरकार ने वहां भेज दिया। गुजरात चुनाव से पहले भी आरोप लगे थे कि महाराष्ट्र को मिलने वाले कई प्रोजेक्ट्स पीएम नरेंद्र मोदी के गृह राज्य को दे दिए गए हैं।

आदित्य ठाकरे ने एकनाथ शिंदे और भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य से उद्योगों का पलायन हो रहा है और महाराष्ट्र के हाथ से नौकरियां जा रही हैं। हमारे यहां का युवा बेरोजगार हो रहा है। हालांकि अब तक एकनाथ शिंदे गुट या फिर भाजपा की ओर से आदित्य ठाकरे के आरोपों पर कोई जवाब नहीं दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से जुड़ी कंपनियों के अधिकारियों ने बीते साल नागपुर का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने प्रोजेक्ट के लिए जमीन देखी थी। हालांकि अब तक उसे लेकर जमीन पर कोई फैसला नहीं हो सका है। 

शिव संवाद यात्रा पर निकले आदित्य ने नासिक में कहा कि औद्योगिक विकास के मामले में महाराष्ट्र पिछड़ रहा है। उन्होंने कहा कि 2020 में हमने कोरोना के बीच भी कुछ करार किए थे और लोगों ने उद्धव ठाकरे सरकार पर भरोसा जताया थछा। कारोबारियों ने 2020 से जून 2022 के दौरान 6.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश पर सहमति दी थी। लेकिन महाविकास अघाड़ी की सरकार गिरने के बाद हालात बदलते गए और उद्योगों का राज्य से पलायन शुरू हो गया। अब मुझे पता चला है कि 26,000 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश चला गया है, जो महाराष्ट्र के लिए आया था। 

 

आदित्य ठाकरे ने कहा कि हमसे यह प्रोजेक्ट इसलिए छिन गया क्योंकि मध्य प्रदेश में चुनाव होने वाले हैं। शिवसेना नेता ने कहा कि पहले ही महाराष्ट्र वेदांता-फॉक्सकॉन डील जाने के बाद 1 लाख नौकरियां खो चुका है। आदित्य ने आरोप लगाया कि ड्रग पार्क और मेडिकल डिवाइस पार्क भी छिनने का आरोप लगाया। आदित्य ने कहा कि यदि एकनाथ शिंदे को लगता है कि मेरे आरोप गलत हैं तो वह मुझे डिबेट भी कर सकते हैं। 
 

Source : Agency