लखनऊ
उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2021 को लेकर आरक्षण की लिस्ट मंगलवार (02 मार्च) को जिलेवार जारी हो गई है। आरक्षण की लिस्ट जारी होते ही सैकड़ों नेताओं के चुनाव लड़ने के अरमानों पर पानी फिर गया है, क्योंकि इस बार उनकी सीट आरक्षित हो गई है। तो वहीं, आरक्षण लिस्ट जारी होने के बाद आपत्तियां दर्ज कराने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। इसी क्रम में लखनऊ में 14 तो मेरठ में 21 आपत्तियां आई हैं। बता दें कि लखनऊ जिला पंचायतराज अधिकारी कार्यालय में छह और बीकेटी ब्लॉक में आठ आपत्तियां आईं है। 

तो वहीं, मेरठ में 18 आपत्तियां प्रधान पदों पर आरक्षण को लेकर हैं, जबकि तीन आपत्तियां जिला पंचायत सदस्य और एक क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए है। आरक्षण पर आपत्तियां आठ मार्च तक दर्ज कराई जा सकती हैं। आपत्तियों को जांच के बाद अंतिम सूची का प्रकाशन 15 मार्च को किया जाएगा। वहीं, अलग-अलग गांवों से विकास भवन पहुंचे दावेदारों और आपत्तिकर्ताओं ने आरक्षण सूची को गलत बताया। उनका कहना था कि जहां पिछड़ा वर्ग नहीं है, उसे पिछड़ा वर्ग में आरक्षित कर दिया गया है। कुछ ने आरक्षण में भाजपा की मिलीभगत का आरोप लगाया। आपत्तियां लिखित में ली गई हैं। तो वहीं, लखनऊ जिला पंचायत राज अधिकारी निरीश साहू ने बताया कि आठ मार्च तक आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। 

मुख्य विकास अधिकारी प्रभाष कुमार ने बताया यदि किसी को प्रस्ताव के विरुद्ध कोई आपत्ति है तो वह चार से लेकर आठ मार्च तक आपत्ति दाखिल कर सकता है। प्रस्तावित आवंटन-आरक्षण के विरुद्ध आपत्ति विकास खंड कार्यालय, जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय या डीएम दफ्तर में प्रस्तुत की जा सकती है। संबंधित अधिकारी रोजाना आने वाली आपत्तियों को रजिस्टर में दर्ज करेंगे। प्रत्येक दिवस आपत्ति का निस्तारण करते हुए रिपोर्ट सीडीओ को भेजेंगे। सीडीओ ने आपत्ति दर्ज करने की सूचना का प्रचार करने का भी निर्देश दिया है। 

Source : Agency