वाशिंगटन
अमेरिका ने एक बार फिर से पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर जमकर फटकार लगाई है। अमेरिका ने पाकिस्तान को सख्त फटकार लगाते हुए कहा है कि पाकिस्तान अपनी जमीन से भारत में आतंकवादियों को भेजना फौरन बंद करे। पाकिस्तान को फटकार आतंकवाद के मुद्दे पर अमेरिका हमेशा से सख्त रहा है और भारत इसीलिए पाकिस्तान से बात नहीं करता है। भारत सरकार का हमेशा कहना रहा है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं हो सकती है। लिहाजा पहले पाकिस्तान अपनी जमीन से आतंकियों का खात्मा करे उसके बाद भी भारत पाकिस्तान से बातचीत करने के लिए राजी होगा। उधर व्हाइट हाउस ने बयान जारी करते हुए कहा है कि हम भारत की जमीन पर आतंकियों को भेजे जाने की सख्त आलोचना और निंदा करते हैं। 

हम पाकिस्तान को कहते हैं कि क्रास बॉर्डर आतंकवाद पर फौरन लगाम लगाते हुए भारत में आतंकवाद फैलाना बंद करे। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका आतंकवाद को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति रखता है और मानता है कि LOC पार से भारत में आतंकवादियों को भेजा जाना बंद हो। आतंकवाद पर सख्त जो बाइडेन मानवाधिकार को सपोर्ट करने वाला जो बाइडेन प्रशासन का रूख आतंकवाद को लेकर हमेशा से सख्त रहा है और माना यही जा रहा था कि पाकिस्तान की 'आतंकवाद पॉलिसी' की अमेरिका आलोचना करेगा और यही हुआ है। आतंकियों को पालने वाले पाकिस्तान को अमेरिका ने सीधी वार्निंग दे दी है। 

वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान में इमरान खान अपनी सत्ता बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और शनिवार को पता चलेगा इमरान खान अपनी सत्ता बचा पाएंगे या फिर सत्ता गंवा देंगे। अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान के बीच एलओसी सीजफायर का स्वागत किया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि अमेरिका चाहता है कि भारत और पाकिस्तान आपसी बातचीत के जरिए मतभेदों को सुलझाए। हालांकि, अमेरिका की तरफ से ये भी कहा गया है कि कश्मीर को लेकर अमेरिकी की नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इमरान रहेंगे या जाएंगे? अमेरिकी फटकार के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार पाकिस्तान की संसद में विश्वासमत हासिल करने जा रही है। इसके लिए शनिवार को पाकिस्तान की नेशनल असेंबली का सत्र बुलाया गया है। 

इमरान सरकार में विज्ञान और तकनीकी मंत्री चौधरी फवाद हुसैन ने इस बारे में ट्विटर पर जानकारी दी है।इस पूरे मामले के पीछे हाल में हुए पाकिस्तान सीनेट के चुनाव में लगा वह झटका है जो इमरान खान की पार्टी पीटीआई को बहुचर्चित सीट इस्लामाबाद में लगा है। इस सीट पर पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) के उम्मीदवार के तौर पर उतरे पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने इमरान सरकार में वित्त मंत्री अब्दुल हाफीज शेख को हराया है। इस्लामाबाद सीट को इमरान खान ने अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ रखा था और अब्दुल हाफीज के लिए खुद भी प्रचार करने पहुंचे थे। इमरान खान दावा करते थे कि इस्लामाबाद सीट पर उनके प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित है और विपक्ष के लिए यहां पर कोई मौका नहीं है। अब यही दावा इमरान खान के लिए मुश्किल बन गया है। 

Source : Agency