नई दिल्ली 
ईपीएफओ ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए भविष्य निधि जमा पर ब्याज दर की घोषणा कर दी है। ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के केंद्रीय न्यासी मंडल की श्रीनगर में पिछले वित्त वर्ष की तरह ही 8.5 फीसद देने की घोषणा की गई है। पीटीआई ने यह खबर सूत्रों के हवाले से दी है। इससे पहले इस बात की अटकलें थीं कि ईपीएफओ इस वित्त वर्ष (2020-21) के लिए भविष्य निधि जमा पर ब्याज दर घटा सकता है। बता दें ईपीएफओ के पांच करोड़ से अधिक सक्रिय ग्राहक हैं।
 
श्रीनगर डल झील के निकट सेंटूर होटल में पहली बार सीबीटी की मीटिंग हुई। यहां पर जम्मू -कश्मीर के सारे पीएफ सदस्य ईपीएफओ से जुड़ गए हैं। मौजूदा वित्तीय वर्ष में पीएफ अंशधारकों को पूर्व के वर्ष की तरह ब्याज मिलता रहेगा। लॉक डाउन से अबतक पीएफ खातों से 16 लाख सदस्यों ने डेढ़ हजार करोड़़ से ज्यादा की निकासी की है इसलिए बैठक में फैसला किया गया है कि अब 10 साल से पहले भी जो अंशधारक पुराने खाते का सारा धन निकाल कर खाता बंद कर देते रहे हैं तो अब पेंशन के अंशदान का भुगतान नहीं किया जाएगा। पीएफ खाते में जमा सिर्फ उनके अंश का ही भुगतान होगा। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा। 

सीबीटी सदस्य ने बताया कि श्रम मंत्री संतोष गंगवार की अध्यक्षता में हुई सीबीटी की बैठक में श्रम सचिव और ईपीएफओ केन्द्रीय आयुक्त ने संगठन में जमा पूंजी कम होने पर पीएफ अंशधारकों के अंशदान की सीमा 15 से 25 हजार वेतन पर करने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। अब इस पर अगली सीबीटी बैठक में फैसला लिया जाएगा। गुरुवार की बैठक में पीएफ अंशदान 20 से 10 कर्मचारियों के संस्थानों पर भी लागू करने का कोई एजेण्डा नहीं रखा गया है, लेकिन उनकी तरफ से बैठक में प्रस्ताव रखा गया है , श्रम मंत्री ने वृहद बैठक बुलाने का आश्वासन दिया है।
 
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से जुड़े करीब 40 लाख भविष्य निधि (पीएफ) अंशधारकों के खाते में ब्याज का पैसा जमा नहीं हुआ है। वहीं, सरकार करीब डेढ़ महीने पहले ही वित्त वर्ष 2019-20 के लिए ब्याज का पैसा पीएफ खातों में जमा करने का ऐलान कर चुकी है। ईपीएफओ ने इसकी वजह नियोक्ताओं द्वारा उपलब्ध कराई गई बेमेल केवाईसी (जानें अपने ग्राहक) को ठहराया है। दो सरकारी अधिकारी ने अपनी पहचान गुप्त रखने की शर्त पर यह जानकारी दी है।

Source : Agency