ग्वालियर
नगरीय निकाय चुनाव से पहले ग्वालियर में बीजेपी की मुश्किल बढ़ती दिख रही है.ज्योतिरादित्य सिंधिया के विरोध में पार्टी नेता लामबंद होते दिख रहे हैं.पार्टी अनुशासन में बंधे ये दिग्गज नेता ऊपरी तौर पर भले ही एका दिखाएं लेकिन सिंधिया के खिलाफ अंदरूनी असंतोष कोई भी भांप सकता है.फिलहाल लड़ाई पार्टी के दो सांसदों सिंधिया VS विवेक शेजवलकर चल रही है.दोनों के बीच विकास कार्यों का श्रेय लेने की होड़ मची हुई है.

ग्वालियर में नगर निगम चुनाव होने हैं.लेकिन उससे पहले शहर विकास के नाम पर BJP के 2 सांसद आमने सामने आ गए हैं.BJP के राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और ग्वालियर लोकसभा सांसद विवेक शेजवलकर में शहर विकास का श्रेय लेने की होड़ मची है.ग्वालियर DRDO शिफ्टिंग, एयरपोर्ट के नए टर्मिनल, रेलवे स्टेशन विकास, चम्बल से पानी लाने की योजना के लिए दोनों सांसद अपना योगदान बता रहे हैं.दोनों के समर्थक सोशल मीडिया पर अपने-अपने नेता को विकास पुरुष बता रहे हैं.कांग्रेस अब BJP सांसदों के कोल्डवार में निगम की राह आसान करने में जुट गई है.

नगर निगम चुनाव जल्द ही होने वाले हैं. लिहाज़ा टिकट को लेकर ग्वालियर BJP में दावेदारों की फौज सामने आ रही है. पार्टी के लिए गुटबाजी परेशानी बनी ही है.इसी बीच लोकसभा सांसद विवेक शेजवलकर और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच जारी विकास कार्य का श्रेय लेने की होड़ ने नयी समस्या खड़ी कर दी है.शहर के आधा दर्जन से ज्यादा बड़े विकास के मुद्दे और मसले हैं जिनको लेकर सिंधिया और शेजवलकर अपनी मेहनत का नतीजा बता रहे हैं.

एयरपोर्ट पर नये टर्मिनल के लिए सांसद विवेक शेजवलकर ने नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी को चिट्ठी लिखी थी.सिंधिया ने भी टर्मिनल को मंजूर कराने में अपनी भूमिका बताई.

चंबल से पानी ग्वालियर तक लाने के लिए केंद्र से 250 करोड़ रुपये की योजना मंजूर हुई. सिंधिया ने इसे अपने प्रयास का नतीजा बताया.वहीं शेजवलकर ने कहा कि वो बीते 10 साल से चंबल पेयजल योजना के लिए सरकार से मांग कर रहे थे,अब सपना साकार होगा.

हाल ही में केंद्र सरकार ने ग्वालियर रेलवे स्टेशन को हैरिटेज लुक देने के लिए 75 करोड़ की योजना को मंजूरी दी. स्टेशन पर 3 नई लिफ्ट शुरू हुईं. इस योजना को सिंधिया अपनी पहल बता रहे हैं.वही शेजवलकर ने इसे अपने प्रयास और पत्राचार का फल बताया.

स्वर्ण रेखा के विकास और उस पर 16 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर एलिवेटेड रोड की 500 करोड़ की योजना को केंद्र से स्वीकृति मिली. सिंधिया ने पिछली सभाओं में इन सबका श्रेय खुद ले लिया.वहीं सांसद शेजवलकर ने कहा प्रयास तो मैंने किया था.

DRDO लैब के 200 मीटर के दायरे के मकान सुप्रीम कोर्ट ने अवैध घोषित कर तोड़ने के आदेश दिए थे, इसमें राज्य सरकार ने रक्षामंत्री से बात कर DRDO लैब को शहर से बाहर शिफ्ट कराने की सहमति बनाई.विवेक शेजवलकर ने रक्षामंत्री से मुलाकात को DRDO शिफ्टिंग का श्रेय लिया.वहीं सिंधिया ने भी कहा कि DRDO लैब शिफ्टिंग के लिए उन्होंने भी रक्षामंत्री को पत्र लिखे थे.

BJP के दो सांसदों के बीच मची श्रेय लेने की होड़ में अब उनके समर्थक कार्यकर्ता भी कूद पड़े हैं.सोशल मीडिया पर दोनों सांसदों के समर्थक पोस्ट भी करने लगे हैं.BJP में श्रेय लेने की इस होड़ में कांग्रेस अपना नफा तलाशने में जुट गई है.कांग्रेस का कहना है BJP के सांसद कागजी योजना का श्रेय लेने के लिए भिड़ रहे हैं.जबकि इनमें से किसी पर भी अमल नहीं हुआ है.BJP के दोनों सांसद निगम चुनाव से पहले सस्ती लोकप्रियता के लिए नाटक कर रहे हैं.

उधर BJP का कहना है विकास योजनाओं के लिए सभी सांसदों का समग्र प्रयास रहता है.जनहित की सीधी योजनाओं का श्रेय लोकसभा सांसद विवेक शेजवलकर को जाता है, वहीं बड़ी योजनाएं राज्यसभा सांसद की मदद से भी मिली हैं.

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