भोपाल
प्यारे मियां दुष्कर्म मामले में पीड़िता की मौत का मामला भोपाल से दिल्ली तक गर्मा गया है। कांग्रेस के पूर्व राष्टÑीय अध्यक्ष राहुल गांधी और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस मामले में सरकार को घेरा है। वहीं, कलेक्टर अविनाश लवानिया ने पीड़िता की पहचान उजागर करके मामले को और तूल दे दिया है। इधर, शार्ट पीएम रिपोर्ट में लड़की की मौत जहर से होना बताया गया है। अब इस मामले में पीड़िता के परिजन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलकर सीबीआई जांच की मांग करेंगे। साथ ही गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी इस मामले में मुख्यमंत्री से चर्चा कर पुन: जांच की मांग करने की बात कही है। इस मामले में भोपाल पुलिस का दावा है कि शार्ट पीएम रिपोर्ट में जहर से मौत होने की पुष्टि हुई है।अब नाबालिग का विसरा, यूरिन और ब्लड के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। अब विसरा रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि नाबालिग लड़की की मौत का असल कारण क्या है? वहीं, एडीएम माया अवस्थी की मजिस्ट्रिल जांच भी शुरू कर दी है। उन्होंने जांच के करीब आठ बिंदु जारी कर कहा है कि यदि किसी के पास जांच के संबंध में कोई भी जानकारी अथवा आठ बिंदुओं से जुड़ी जानकारी को वे 15 दिन के अंदर दे सकते हैं।

प्यारे मियां यौन शोषण मामले में पीड़िता की मौत की एसआईटी से जांच कराई जाएगी। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने हाईलेवल मीटिंग बुलाकर इसका फैसला लिया है। इस बैठक में उन्होंने अफसरों को जमकर फटकार भी लगाई है। मुख्यमंत्री चौहान ने एसीएस होम, डीजीपी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, ओएसडी मकरंद देउस्कर, एडीजी उपेंद्र जैन, कलेक्टर भोपाल अविनाश लवानिया, समेत अन्य अफसरों की बैठक में भोपाल के अफसरों की कार्यशैली पर जमकर नाराजगी जताई है। उन्होंने इस मामले में संवेदनशीलता के साथ कार्यवाही करने के निर्देश अफसरों को दिए हैं।

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