लखनऊ  
मऊ के हिस्ट्रीशीटर अजीत सिंह की हत्या आजमगढ़ जेल में बंद ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू ओर अखण्ड के कहने पर छह शूटरों ने की थी। साजिश के तहत ये शूटर अलग-अलग लखनऊ पहुंचे थे। इन शूटरों में गिरधारी उर्फ डॉक्टर, रवि यादव, राजेश तोमर उर्फ जय, मुस्तफा उर्फ बंटी उर्फ वीरू, शिवेन्द्र सिंह उर्फ अकुंर और संदीप उर्फ बाबा थे। इनमें गोली लगने से राजेश तोमर घायल हुआ था।

इस हत्याकाण्ड का यह खुलासा गुरुवार को पुलिस ने चंदौली के हिस्ट्रीशीटर संदीप सिंह उर्फ बाबा की गिरफ्तारी के बाद किया। शूटरों के दो मददगार प्रिंस और रेहान पहले ही पकड़े जा चुके हैं। गिरधारी की नाटकीय तरीके से दिल्ली में गिरफ्तारी हो चुकी है। इस मामले में फरार पांच शूटरों पर डीसीपी संजीव सुमन ने 25-25 हजार रुपये इनाम घोषित किया है। इसके अलावा घायल शूटर को लखनऊ से सुलतानपुर ले जाने वाले विपुल सिंह की तलाश में दो टीमें और लगा दी गई है। 

छह जनवरी को लखनऊ के विभूतिखंड में अजीत सिंह को गोलियों से छलनी कर दिया गया था। इसमें उसका साथी मोहर सिंह भी पैर में गोली लगने से घायल हुआ था। मोहर ने एफआईआर में लिखाया था कि विधायक सीपू की हत्या में अजीत गवाह बन गया था और कुंटू इसके लिये मना कर रहा था। उसके न मानने पर ही कुंटू और अखण्ड ने यह हत्या करवाई है। मोहर ने ही गिरधारी का नाम लिया था। इसके बाद ही पुलिस की पड़ताल में अन्य की भूमिका सामने आती चली गई थी। गुरुवार को ज्वाइन्ट पुलिस कमिश्नर अपराध नीलाब्जा चौधरी ने बताया कि चंदौली निवासी संदीप बाबा हत्या के बाद अन्य शूटरों के साथ कमता बस स्टेशन तक गया था। फिर वह रोडवेज बस से अम्बेडकरनगर चला गया था। तब से वह वहीं छिपा हुआ था। 

Source : Agency