भोपाल
नगरीय निकायों के बकाया के बाद अब पंचायतों के बिजली बिलों को लेकर राज्य सरकार ने सख्ती के संकेत दिए हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सभी जिलों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला व जनपद पंचायत को निर्देश दिए हैं कि 31 जनवरी के पहले पंचायतों के बकाया नल जल कनेक्शन, कार्यालय और स्ट्रीट लाइट के बिलों का भुगतान कराया जाए अन्यथा इसके लिए पंचायत प्रधान और सचिव के साथ वे खुद भी जिम्मेदार होंगे। इसमें पंचायत राज संचालनालय द्वारा लिखे गए छह पत्रों की अनदेखी को भी गंभीर लापरवाही बताया गया है। इस लापरवाही पर मुख्य सचिव भी विभाग से नाराजगी जता चुके हैं।

पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सभी जिला व जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को इसके लिए बुधवार को नए निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें कहा गया है कि बकाया विद्युत बिलों की समीक्षा विभाग द्वारा रोज की जा रही है। इसमें यह बात सामने आई है कि बार-बार निर्देश दिए जाने के बाद भी कुछ ग्राम पंचायतों को छोड़कर बाकी जिलों मे पंचायतों द्वारा बकाया बिजली बिल का भुगतान नहीं किया जा रहा है। यह स्थिति संतोषजनक नहीं है जिस पर मुख्य सचिव नाराजगी जता चुके हैं। इसलिए जिन पंचायतों द्वारा 31 जनवरी तक स्ट्रीट लाइट, कार्यालय और नल जल योजना के बकाया विद्युत बिल का भुगतान नहीं किया जाता है, उन पंचायतों के प्रधान को पद से पृथक करने की कार्यवाही की जाए। साथ ही पंचायत सचिवों के विरुद्ध भी अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए। ऐसे न होने पर सीईओ खुद भी जिम्मेदार होंगे। गौरतलब है कि इसके पहले नगरीय निकायों के बकाया बिजली बिल को लेकर भी हाय तौबा मची है जिसके बाद कमिश्नर नगरीय विकास ने जानकारी मांगी है और 50 करोड़ का भुगतान भी विभाग की ओर से किया गया है।

पंचायत व ग्रामीण विकास की ओर से कहा गया है कि इसको लेकर पंचायत राज संचालनालय कई बार पत्राचार कर रिपोर्ट मांग चुका है जिसे नहीं दिया गया है। यह आपत्तिजनक है। इसमें संचालनालय द्वारा वर्ष 2020 में लिखे गए पत्रों 23 जून, 27 जुलाई, 22 अक्टूबर, 10 दिसम्बर, 16 दिसम्बर और 26 दिसम्बर के पत्रों का हवाला भी दिया गया है। इसके साथ ही पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग मंत्रालय की ओर से भी पिछले माह 29 दिसम्बर को पत्र जारी किया गया था।

जल संसाधन विभाग ने भी बिजली को लेकर नए निर्देश जारी किए हैं। इसमें सभी मुख्य अभियंताओं से कहा गया है कि कार्यालयों के बिजली बिलों के समायोजन पावर जनरेटिंग कम्पनी द्वारा जल संसाधन विभाग को देय जलकर से किया जाना है। इसलिए इसके संबंध में जानकारी जल्द भेजी जाए। इसमें 9 दिसम्बर को पावर मैनेजमेंट कम्पनी द्वारा भेजे गए पत्र का हवाला दिया गया है जिसके मुताबिक 8 जुलाई 2020 को हुई बैठक में विद्युत देयक समायोजन को लेकर हुई बैठक में तय हुआ था कि हर तीन माह में विद्युत देयक का जलकर में समायोजन किया जा सकता है। मार्च 2020 में जल संसाधन विभाग पर बकाया विद्युत बिल राशि 10.25 करोड़ थी जिसका समायोजन किया गया था। कम्पनी ने जल संसाधन विभाग से अब त्रैमासिक बकाया बिल के संबंध में उपभोक्ता का नाम, आईवीआरएस नम्बर, बकाया विद्युत बिल की राशि, वितरण केंद्र का नाम, जिला एवं विद्युत वितरण कम्पनी का नाम लिखना जरूरी था। इसलिए जल संसाधन विभाग अपनी जानकारी भेजे ताकि समायोजन किया जा सके।

Source : Agency