मुरैना
किसानों के साथ हो रहे अन्याय और उन पर मनमाने ढंग से लादे जा रहे तीनों कृषि कानूनों को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी हमेशा से ही किसानों के साथ खड़ी है। भाजपा की केन्द्र सरकार के खिलाफ कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए चलाए जा रहे किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए ही मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मुरैना में महापंचायत आयोजित की है। हम इस महापंचायत के जरिए आंदोलन कर रहे किसानों का समर्थन करते हुए तीनों काले कृषि कानूनों की केन्द्र की मोदी सरकार से माँग करते है। यह कहना है मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष,पूर्व मंत्री व मीडिया विभाग अध्यक्ष जीतू पटवारी का।

पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि किसान आंदोलन के समर्थन में कि गई महापंचायत में जिस तरह भीड़ उमड़ी वह इस बात की घोतक है कि आम जनमानस को आज भी कांग्रेस पर विश्वास है और वह आज भी कांग्रेस के साथ है। उन्होंने कहा कि इसी मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार ने किसानों पर गोलियां चलवाई थी, किसानों के बेटों पर झूठे मामले दर्ज कर उन्हें जेल की सलाखों के पीछे लड़वाया था। किसान अभी वह भूला नही है। भाजपा की किसान विरोधी नीतियों के चलते ही आज किसान आत्महत्या को मजबूर है। जिन किसानों ने भाजपा सरकार की गलत नीतियों के चलते मौत को गले लगा लिया उन किसानों को यह पागल करार दे देते है। यही नहीं किसान आंदोलन को कुचलने का प्रयास भाजपा की मोदी सरकार कर रही है जिसे कांग्रेस पार्टी कभी भी सफल नहीं होने देगी।

जीतू पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश में भाजपा की शिवराज सरकार जहाँ किसान सम्मेलन के नाम पर पार्टी कार्यकर्ताओं को बुलाकर जिस तरह किसान सम्मेलन कर मोदी सरकार के तीनों काले कृषि कानूनों को लेकर मध्य प्रदेश के किसानों का समर्थन होने का दावा कर रही है वह शिवराज सिहं चौहान के झूठे वादों और भाषणों की तरह है। एक घोषणावीर मुख्यमंत्री की झूठे वादे जो कभी पूरे नहीं होते और जनता को अपना भगवान कर रह उनसे अपमानित करने का काम करते है। लेकिन मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी और हमारा एक-एक कार्यकर्ता किसानों को इन काले कानूनों की हकीकत बता रहे हैं। यही नहीं प्रदेश व्यापी आंदोलन और धरने आयोजित कर कांग्रेस पार्टी इसका विरोध कर रही है। आज मुरैना में महापंचायत के जरिए हम मोदी सरकार को चेतावनी देते है कि वह किसान विरोधी इन काले कानूनों को वापस लें। जिसको लेकर कांग्रेस राज्यपाल को भी ज्ञापन सौंपेगी साथ ही प्रदेश स्तर पर किसानों को इन काले कृषि कानूनों के विषय में बताएगी।

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