नई दिल्ली
दिल्ली पुलिस मुख्यालय में बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि मैं यहां फरवरी 2020 में आया था, उस वक्त मैंने कहा था कि पुलिस हमेशा आम लोगों के साथ थी, बुरे समय में भी पुलिस लोगों के साथ रही। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले वर्ष दिल्ली में हुए दंगों, किसान आंदोलन और कोरोना काल के दौरान दिल्ली पुलिस की भूमिका की सराहना की है। आज एक साल हो गए हैं, मैं जब पीछे देखता हूं तो जिस तरह से महामारी के दौरान दिल्ली पुलिस ने लोगों भरोसा जीता है वह काबिले तारीफ है। 

अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2020 में देश ने कई मुश्किलों का सामना किया, लेकिन इस साल पुलिस ने सभी चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया, जिसमे दिल्ली के दंगों को सही तरह से हैंडल करना, लॉकडाउन और अनलॉकडाउन के दौरान पुलिस की भूमिका, प्रवासियों को उनके घर पहुंचाने और किसानों के आंदोलन को सही से तरह से हैंडल करने करने में पुलिस को सफलता मिली। इस दौरान अमित शाह ने उन पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने कोरोना काल में अपना जीवन गंवाया। साथ ही अमित शाह ने गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। 

गृह मंत्री ने कहा कि चुनौतियों का सामना करने के लिए पहले हमे उन्हें समझना होगा और फिर जरूरत के अनुसार बदलाव लाने की जरूरत है, तभी हम चुनौतियों का सामना कर सकते हैं। दिल्ली पुलिस को बेहतर करने के लिए शाहने कहा कि दिल्ली पुलिस को बेहतरी के लिए 2022 पांच बड़े बदलाव लाने चाहिए, 2022 में जब देश 75वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा तो ये सकारात्मक बदलाव होने चाहिए। दिल्ली की सुरक्षा को लेकर शाह ने कहा कि दिल्ली देश की राजधानी है लिहाजा हमारे सामने आतंकवाद, ड्रग ट्रैफिकिंग, जाली नोट जैसी अहम चुनौतिया हैं। शाह ने कहा कि दिल्ली पुलिस और नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के साथ एमओयू साइन किया गया है जिससे कि दिल्ली पुलिस की जांच करने की क्षमता और बेहतर होगी।

Source : Agency