रायपुर
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय संगठन ने सभी वैज्ञानिक तथ्यों, एक्सपर्ट पैनल की रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद तथा इंडियन काउंसिल आॅफ मेडिकल रिसर्च एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन के वैज्ञानिकों के साथ गहन विचार विमर्श करने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर कोविड वैक्सीनेशन कार्यक्रम को अपने सभी सदस्यों से सक्रिय समर्थन देने का आग्रह किया है

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने अपने 3.50 लाख सदस्यों और 1800 स्थानीय इकाइयों से इस वैक्सीनेशन कार्यक्रम में उपयोग की जा रही वैक्सीन को सुरक्षित और सफल बताते हुए आग्रह किया है कि सभी डॉक्टर्स, नर्सेज, पैरामेडिकल स्टाफ, आशा वर्कर्स, आंगनवाड़ी वर्कर्स, सहयोगी स्टाफ तथा एंबुलेंस टीम के सदस्य , जिन्होंने कोरोना का काल में सबसे आगे रहकर देश की जनता को कोरोना से लड़ाई में जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, सक्रिय रुप से आगे आएं तथा प्रथम चरण में वैक्सीन लगवा कर संपूर्ण विश्व को यह दिखाएं कि देश में विकसित की गई वैक्सीन सुरक्षित व असरकारी है।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने भारतीय वैज्ञानिकों के अथक परिश्रम की सराहना करते हुए आधुनिक चिकित्सा विज्ञान तथा भारत सरकार को बधाई दी और उनकी सराहना की, जिसकी वजह से भारत में स्वनिर्मित वैक्सीन बनाना संभव हो सका। उन्होंने यह आशा व्यक्त की कि इन वैक्सीन्स के उपयोग से शरीर में उच्च स्तर पर एंटीबॉडीज बनेंगी, जो कोरोनावायरस के वर्तमान तथा नए  स्ट्रेन के खिलाफ शरीर में प्रतिरोधक क्षमता उत्पन्न कर सकेंगी। यह दोनों वैक्सीन भारतीय परिस्थितियों के अनुकूल है तथा सुरक्षित रूप से स्टोर भी की जा सकती हैं।

इस वैक्सीनेशन कार्यक्रम से ना केवल व्यक्तिगत स्तर पर, बल्कि सामुदायिक स्तर पर भी कोरोनावायरस के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी । जिससे इस  महामारी पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की राष्ट्रीय इकाई ने अपने सभी राज्य और स्थानीय इकाइयों से आग्रह किया है कि वे राज्य और जिला स्तर के चिकित्सा अधिकारियों से संपर्क कर अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें तथा वैक्सीनेशन कार्यक्रम को कार्य रूप में परिणित करने में सक्रिय सहयोग दें ।

डॉ महेश सिन्हा, अध्यक्ष इंडियन मेडिकल एसोसिएशन छत्तीसगढ़ राज्य इकाई एवं डॉ विकास अग्रवाल, अध्यक्ष इंडियन मेडिकल एसोसिएशन रायपुर ने कहा है कि हमें अपने सभी वैज्ञानिकों  द्वारा बनाई गई वैक्सीन के सुरक्षित होने और असरकारी होने में कोई संदेह नहीं है। अत: हमारी यह प्राथमिकता रहेगी कि सोशल मीडिया के द्वारा जनता में फैलाए जाए भ्रम को दूर किया जाए , वैक्सीनेशन को लेकर जागरूकता फैलाई जाए । हम देश की जनता को विश्वास दिलाना चाहते हैं कि दोनों वैक्सीन पूर्ण रूप से सुरक्षित है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सभी जनप्रतिनिधियों तथा सामाजिक संस्थाओं से आग्रह किया है कि इस वैक्सीनेशन कार्यक्रम में भी जनता की सहभागिता सुनिश्चित करें तथा वैक्सीनेशन के बाद भी यह सुनिश्चित करें कि सभी लोग कोविड-19 के संक्रमण के समय अपनाए जा रहे सामाजिक व्यवहार जैसे मास्क पहनना, शारीरिक दूरी बनाए रखना, हाथों को साफ रखना तथा खांसते व छींकते समय व्यक्तिगत सुरक्षा उपाय का पालन मैं कोई लापरवाही ना बरतें।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने राष्ट्रीय स्तर पर फामार्कोविजीलेंस सेंटर की स्थापना की है ताकि वेक्सीनेशन कार्यक्रम की मॉनिटरिंग की जा सके तथा सहायता मुहैया कराई जा सके । आईएमए ने आशा व्यक्त की है कि प्रथम चरण का कोविड वैक्सीनेशन कार्यक्रम बिना किसी बाधा के आसानी से पूरा कर लिया जाएगा।

Source : Agency