सिवनी
जंगलों के लिए मशहूर मध्य प्रदेश का पेंच टाइगर रिजर्व और पन्ना इन दिनों चर्चा में है. पेंच टाइगर रिजर्व में जहां एक काला तेंदुआ पर्यटकों का आकर्षण बना हुआ है. वहीं पन्ना टाइगर रिजर्व वल्चर यानी गिद्धों की रेडियो टैगिंग की वजह से चर्चा में है. पेंच टाइगर रिजर्व में काले तेंदुए को देखकर आपको रुडयार्ड किपलिंग की विश्वप्रसिद्ध किताब 'जंगल बुक' के किरदार मोगली और 'बघीरा' नाम के चीते की कहानी याद आ जाएगी. मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में स्थित पेंच टाइगर रिज़र्व में इन दिनों ऐसा ही एक बघीरा यहां आने वाले पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.

टाइगर रिजर्व में बाघ के शावकों के साथ मटरगश्ती करते इस काले तेंदुआ को देखने के लिए पर्यटक दूर-दूर से आ रहे हैं. पार्क में सैर करने आ रहे पर्यटकों को बफ़र जोन के तेलिया रेंज में काला तेंदुआ शावक आसानी से नज़र आ रहा है. यह काला तेंदुआ शावक एक अन्य तेंदुए शावक के साथ घूमता दिखता है.

पेंच टाइगर रिज़र्व के अधिकारियों के अनुसार यह काला तेंदुआ विलुप्त प्रजाति का है. टाइगर रिजर्व में कई साल के बाद काला तेंदुआ दिखाई दिया है. यही वजह है कि इस काले तेंदुए शावक को देख कर पर्यटक बेहद रोमांचित हो रहे हैं. सिवनी आने वाले पर्यटक काला तेंदुआ का वीडियो बनाने से नहीं चूकते. दरअसल, जंगल भ्रमण के दौरान यह तेंदुआ आसानी से दिख जाता है, जिसकी वजह से सोशल मीडिया पर इसके कई वीडियो देखने को मिल रहे है.

वल्चर देश ही नहीं पूरी दुनिया से खत्म हो रहे हैं. ऐसे में इनका संसार बसाने और इनको संरक्षित करने का काम अब भारत में पन्ना टाइगर रिजर्व में होने जा रहा है. दरअसल पन्ना टाइगर रिजर्व एक नया प्रयोग करने जा रहा है जिसके तहत वल्चर की रेडियो टैगिंग की जाएगी. वल्चर के ऊपर रेडियो टैग लगाने से यह पता चल सकेगा कि इनका रहवास कैसा है और इन्हें संरक्षित कैसे किया जा सकता है. गिद्ध की रेडियो टैगिंग करने के लिए देहरादून के विशेषज्ञों का एक दल पन्ना पहुंच चुका है.

दिसंबर के पहले सप्ताह तक 25 गिद्धों को पकड़कर इन पर रेडियो टैगिंग की जाएगी. पन्ना टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि इसके लिए टाइगर रिजर्व के अंदर झालर ग्राम में एक विशाल पिंजड़ा तैयार किया गया है, जिसमें सैकड़ों किलोमीटर ऊपर उड़ने वाले गिद्धों को पकड़ कर उनकी शरीर में एक विशेष प्रकार की डिवाइस लगाई जाएगी. यह डिवाइस रेडियो फ्रिक्वेंसी के जरिये बताएगी कि यह विशाल पक्षी कहां-कहां जाता है और कब-कब क्या करता है.

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