भोपाल
कांग्रेस के मीडिया अध्यक्ष और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने सरकार की क्वेरेन्टीन नीति की आलोचना की है।उन्होंने कहा कि भोपाल में सरकार होटल मालिकों से गठजोड़ कर आम जनता को लूट रही है। उन्होंने बताया कि भोपाल में कोई व्यक्ति यदि कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है तो उसके घर के एक सदस्य को छोड़ कर सभी लोगों को सरकारी केंद्र या प्राइवेट अस्पताल में जाने के लिए बाध्य किया जा रहा है। सभी को सरकारी केंद्रों की स्थिति मालूम है। इसलिए लोगों को प्राइवेट होटल में जाना पड़ रहा  है, जिसके लिए उनसे मोटी रकम भी वसूल की जा रही है। साथ ही घर से बाहर रहने के कारण उन पर मानसिक दवाब बढ़ रहा है। होटल में कोरोना को लेकर कोई सतर्कता नहीं है जिससे संक्रमित होने की आशंका बढ़ जाती है।

पटवारी ने पूछा है कि क्या मुख्यमंत्री और जनता के लिए नियम अलग अलग है? अगर ऐसा नहीं है तो मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह जी के परिवार जनों को होटल में शिफ्ट क्यों नहीं किया गया है।

 उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कोरोना अस्पताल को भाजपा ने अपना ऑफिस बना लिया है। वहां से भाजपा  प्रदेश अध्यक्ष अध्यक्ष श्री वी डी शर्मा, श्री सुहासभगत और अन्य नेता कोरोना के सभी प्रोटोकॉल तोड़ते हुए वर्चुअल मीटिंग करने में लगे हैं। अस्पताल द्वारा इसकी मूक सहमति सवाल खड़े करती है।

जीतू पटवारी ने मांग की, कि सरकार तुरंत इस तुगलकी फरमान को वापस ले और कोरोना पॉजिटिव के परिवारजनों को घर पर ही क्वेरेनटीन होने की अनुमति दे।

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