अयोध्या 
चार दिन बाद अयोध्या में श्री राम मंदिर का भूमि पूजन होगा। मंदिर का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रखेंगे। इसकी तैयारियां जोरों पर है। शासन और प्रशासन इस ऐतिहासिक पल में कोई कमी नहीं रखना चाहता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद सप्ताहभर के भीतर कल दूसरी बार अयोध्या पहुंचकर तैयारियों का जायजा लेंगे। वहीं दूसरी ओर भूमि पूजन के लिए देश के सभी प्रमुख तीर्थस्थलों, राष्ट्रीय महत्व के स्थानों और पवित्र नदियों से पावन मिट्टी और जल भव्य मंदिर के निर्माण हेतु अयोध्या में पहुंच रहा है। श्री बद्रीनाथ धाम, छत्रपति शिवाजी महाराज के किला रायगढ़, श्री रंगनाथस्वामी मन्दिर, तमिलनाडु, श्री महाकालेश्वर मंदिर, हुतात्मा चन्द्रशेखर आज़ाद व बलिदानी बिरसा मुंडा की जन्मभूमि सहित सभी तीर्थों और बलिदानी वीरों के प्रेरणा स्थलों से मिट्टी, जल और अन्य वस्तुएं अयोध्या पहुंची चुकी है। देश के सभी प्रमुख तीर्थस्थलों, राष्ट्रीय महत्व के स्थानों और पवित्र नदियों से पावन मिट्टी और जल, श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण हेतु अयोध्या में पहुंच रहा है

बाबा विश्वनाथ को अर्पित शेषनाग पर तैयार होगी नींव 
अयोध्या में बनने वाले भव्य श्रीराम मंदिर की नींव बाबा विश्वनाथ को अर्पित शेषनाग पर तैयार होगी। शुक्रवार को काशी विश्वनाथ मंदिर में रजत शेषनाग का पूजन हुआ। बाबा विश्वनाथ को चांदी का कछुआ, रामनाम अंकित चांदी के पांच बेलपत्र, सवा पाव चंदन और पंचरत्न भी अर्पित किए गए। ये पांचों सामग्रियां पांच अगस्त को अयोध्या में भूमिपूजन के दौरान मंदिर की नींव में डाली जाएंगी। काशी विद्वत परिषद के मंत्री डॉ. रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि सृष्टि में सबसे पहले राम कथा भगवान शिव ने कही है। राम की पूजा से शिव और शिव की पूजा से राम प्रसन्न होते हैं। इस धार्मिक मान्यता में आस्था व्यक्त करते हुए काशी विद्धत परिषद की ओर से श्रीराम मंदिर की नींव के लिए पांच विशेष सामग्री बाबा विश्वनाथ को अर्पित की गई। उन्होंने कहा कि शास्त्रों के अनुसार कछुए की पीठ पर भगवान शेषनाग विराजमान हैं जो भगवान शिव के प्रतिनिधि हैं। शेषनाग पाताल लोक के स्वामी हैं। श्रीराम मंदिर की नींव में उनकी उपस्थिति से मंदिर की दिव्यता और भव्यता चिरकाल तक बनी रहेगी। पंचरत्नों को पंचभूतों का प्रतीक माना गया है। वास्तु की दृष्टि से आधारपुरुष की विशेष मान्यता है। उन्होंने बताया कि शास्त्रीय निषेध के कारण काशी की मिट्टी और गंगाजल ले जाने पर नहीं किया गया। 

तीन को रवाना होंगे अयोध्या
काशी के तीन वैदिक विद्वान बाबा को अर्पित पंच सामग्री लेकर तीन अगस्त को अयोध्या रवाना होंगे। इनमें बीएचयू के ज्योतिष विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रामचंद्र पांडेय, वर्तमान अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार पांडेय एवं डॉ. रामनारायण द्विवेदी शामिल हैं।
 

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