पटना 
कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए राज्य सरकार ने लॉकडाउन लागू किया था, जिसमें लोगों को मास्क लगाना अनिवार्य किया गया था। पिछले 15 दिनों में करीब 17 हजार ऐसे लोग पकड़े गए जो बगैर मास्क के चल रहे थे। ऐसे लोगों पर अधिकारियों की टीम ने 28 लाख 36 हजार का जुर्माना किया है। 

पिछले 15 दिनों से राज्य में लॉकडाउन के दौरान जिला प्रशासन ने सशर्त लोगों की आने-जाने की छूट दे रखी थी लेकिन लोगों ने लापरवाही जारी रखी। डीएम कुमार रवि ने आठ ऐसी टीमें गठित की थी जो सड़क पर चलने वाले लोगों के मास्क की चेकिंग कर रही थी। इस दौरान टीम ने 16 हजार 993 लोगों को बगैर मास्क के पकड़ा। इसमें अनुमंडल स्तर पर गठित टीम ने 8735, एसएसटी की ओर से गठित टीम ने 8144, ट्रैफिक पुलिस द्वारा 2877 तथा कार्यपालक पदाधिकारियों द्वारा 1298 लोगों को बगैर मास्क के पकड़ा। 

इस दौरान टीम ने 528 वाहनों को भी जब्त किया। इन पर जुर्माना किया गया। अधिकारियों का कहना है कि प्रत्येक व्यक्ति को मास्क लगाने की अनिवार्यता की गई है फिर भी लोगों की लापरवाही जारी रही। 31 जुलाई को 15 दिन का लॉकडाउन का पीरियड पूरा हो गया जबकि 1 अगस्त से 16 अगस्त तक नया लॉकडाउन भी शुरू हो रहा है। इस लॉकडाउन में भी लोग लापरवाही नहीं करें इसीलिए 8 टीमें सड़कों पर रहेगी।

प्रतिदिन पकड़े जाते हैं 200 लोग
तमाम जागरूकता के बाद भी लोग लापरवाही बरत रहे हैं। छापेमारी टीम में लगे अधिकारियों का कहना है कि पटना शहर में प्रतिदिन औसतन 200 लोग ऐसे पकड़े जाते हैं जो बगैर मास्क के सड़कों पर घूमते हैं। इनमें ज्यादातर अशिक्षित और गरीब तबके के लोग हैं। जिला प्रशासन ने मलिन बस्तियों में जागरूकता अभियान चलाया तथा लोगों से अपील की थी कि मास्क जरूर पहनें।

235 दुकानों पर भी हुई कार्रवाई
लॉकडाउन में राज्य सरकार की ओर से स्पष्ट निर्देश जारी किया गया था कि अनिवार्य सेवा से जुड़ी दुकानें ही खुलेंगी लेकिन इस बीच कपड़ा, ज्वेलरी की दुकानें भी काफी संख्या में शहर में खुली हुई थी। प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई में पिछले 15 दिनों में 235 दुकानों पर कार्रवाई की गई तथा उन्हें बंद कराया गया। साथ ही जुर्माना भी किया गया। 

Source : Agency