भोपाल
कोविड 19 के कारण दूसरे राज्यों से पैदल चलकर आए मजदूरों की जानकारी सामने आने के बाद राज्य सरकार ने बसों और टेÑनों के जरिये उन्हें गांव तक पहुंचाने का काम भले ही कर दिया है पर सरकार की चिंता भी बढ़ी है कि इतनी अधिक संख्या में मध्यप्रदेश के लोग काम की तलाश में दूसरे राज्यों में जाने को मजबूर हैं। इसीलिए अब प्रदेश में मौजूद संसाधनों को विकसित कर रोजगार देने पर फोकस किया जा रहा है और कम से कम लोग दोबारा राज्य छोड़कर एमपी से बाहर जाएं, इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने बाहर जाने वाले मजदूरों का डेटा रखने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसके लिए प्रवासी मजदूर कमीशन तक बनाने का फैसला किया है। इसकी घोषणा कल करते हुए उन्होंने कहा था कि अब मजदूरों को दूसरे राज्य में जाने से पहले कलेक्टर के समक्ष अपनी जानकारी देना अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अफसरशाही अब कमीशन बनाने की तैयारियों में जुट गई है।

अब तक का पहला प्रयोग
अफसरों के मुतबिक कोविड 19 के चलते ऐसे हालात बने हैं कि सरकार को डेटा रखने की जरूरत आ पड़ी है। खासतौर पर पलायन करने वाले मजदूरों के बारे में जानकारी रखने को लेकर इसके पहले कभी कोई डेटा एकत्र नहीं किए गए। ऐसा पहली बार ही हो रहा है। दूसरे राज्यों को लेकर भी इस तरह की बात सुनने को नहीं मिली है। अब मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद श्रम विभाग के अफसर आज से इसका मसौदा तैयार करने में जुट गए हैं ताकि दूसरे राज्यों को जाने वालों के बारे में एकत्र की जाने वाली जानकारी के बिंदु तय किए जा सकें।

Source : Agency