नई दिल्ली 

कांग्रेस नेता राहुल गांधी लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूरों की मुश्किलों को लेकर लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर हैं. लॉकडाउन के चलते बड़ी संख्या में मजदूर पैदल ही अपने-अपने राज्यों की ओर लौटने को मजबूर हो गए थे. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने 16 मई को सुखदेव विहार फ्लाईओवर के पास इन मजदूरों से बातचीत की थी. मजदूरों ने अपनी परेशानियों को राहुल गांधी के साथ साझा किया था. इस बातचीत का वीडियो राहुल गांधी आज सुबह 9 बजे अपने यूट्यूब पर शेयर करेंगे. राहुल गांधी ने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है. उन्होंने ट्वीट किया, 'कुछ दिनों पहले मैंने प्रवासी मजदूरों के एक समूह के साथ बातचीत की थी, जो हरियाणा में काम करते थे और अब उत्तर प्रदेश के झांसी पैदल लौट रहे थे. आज सुबह 9 बजे उनकी दर्द की, इच्छा शक्ति की और जिंदगी की कहानी अपने यूट्यूब चैनल पर शेयर करूंगा.'
 
लौटकर वापस नहीं जाएंगे मजदूर!

राहुल गांधी ने इस वीडियो का टीजर भी पेश किया है. वीडियो में राहुल गांधी पूछते नजर आ रहे हैं कि कितनी दूर से आप पैदल चल रहे हैं, वीडियो में एक शख्स जवाब देता है कि 100 किलोमीटर. एक महिला ने कहा कि अब हम लौटकर कभी नहीं वापस जाएंगे.'

 मजदूरों के मुद्दे पर मुखर हैं राहुल गांधी
कोरोना संकट में लॉकडाउन में फंसे मजदूरों की मुश्किलों और इनकी घर वापसी की मुश्किलों को लेकर राहुल गांधी लगातार आवाज उठाते रहे हैं. केंद्र सरकार को सुझाव भी देते रहे हैं. सरकार की ओर से मजदूरों की मदद के लिए बस और ट्रेनें भी चलाई गईं लेकिन प्रवासी मजदूरों की तादाद के आगे फिलहाल सारे इंतजाम कम दिख रहे हैं. सड़कों पर मजदूरों की बेबसी की तस्वीरें अब भी दिखाई दे रही हैं.

700 किलोमीटर की दूरी तय करने निकले थे मजदूर
दरअसल राहुल गांधी दिल्ली की सड़कों पर भटकते मजदूरों से मिलने सड़कों पर उतरे थे. फुटपाथ किनारे बैठे मजदूरों से राहुल गांधी ने बातचीत की थी और उनके दुख-दर्द सुने थे. घर वापसी के लिए 700 किमी के पैदल सफर पर निकले इन मजदूरों और इनके जैसे दूसरे मजदूरों के हौसले की कुछ कहानियां राहुल गांधी आज पूरे देश से साझा करेंगे.

पहले भी कर चुके हैं बातचीत
मजदूरों की बेबसी को अपनी आवाज देकर राहुल गांधी लोगों का ध्यान इस मुद्दे पर दिलाना चाहते हैं. राहुल गांधी पहले भी वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए अपनी पार्टी के लोगों, पत्रकारों, और जानी मानी हस्तियों से कोरोना संकट, लॉकडाउन और अर्थव्यवस्था पर बातचीत कर चुके हैं. इस बार वे मजदूरों के संकट पर बातचीत करने जा रहे हैं.
 

Source : Agency