कोलंबो
श्रीलंका सरकार ने गुरुवार को प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे की अध्यक्षता हुई बैठक में देश का सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण की परियोजना को रोकने का फैसला किया।  इस बैठक में पूर्व क्रिकेटरों ने हिस्सा लिया था, जिसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी विज्ञप्ति में कहा, ''होमागामा में नए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण की प्रस्तावित परियोजना निलंबित करने का फैसला किया गया है।''

इसमें कहा गया है कि राजपक्षे ने निर्देश दिए हैं। इस धन का उपयोग स्कूल क्रिकेट और स्थानीय स्टेडियम के निर्माण में किया जाना चाहिए। इस स्टेडियम के निर्माण को लेकर जनता के विरोध के बाद राजपक्षे ने पूर्व सीनियर क्रिकेटरों से बात की थी।

बता दें कि श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) ने कहा था कि देश को 2023 से 2031 के भविष्य दौरा कार्यक्रम चक्र में आईसीसी आयोजनों की मेजबानी के लिए अपनी बोली को मजबूत करने के लिए एक नया स्टेडियम बनाने की जरूरत है। एससीएल ने जब रविवार को घोषणा कि थी कि वह होमागामा शहर के बाहरी इलाके में 40,000 दर्शकों की संख्या वाला अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम बनाने के लिए निरीक्षण कर रहा है। इस घोषणा के बाद बोर्ड की काफी आलोचना होने लगी थी।

श्रीलंका के पूर्व कप्तान महेला जयवर्धने ने भी इस फैसले पर आश्चर्य प्रकट करते हुए कहा था कि जब श्रीलंका की टीम अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर पर ज्यादा क्रिकेट नहीं खेल रही तो एक और स्टेडियम की जरूरत नहीं है।

पिछले कुछ वर्षों से वित्तीय परेशानी का सामना कर रहे एससीएल ने कहा था कि खेल के छोटे प्रारूप की बढ़ती लोकप्रियता के कारण एक और स्टेडियम बनाने की जरूरत है। बोर्ड ने कहा था, ''यह परियोजना एसएलसी का एक पूर्ण और निजी निवेश होगा। निर्माण के किसी भी स्तर पर सरकार से कोई वित्तीय मदद नहीं मांगी जाएगी।''

Source : Agency