ग्वालियर
सोमवार को हुए अग्निकांड के पीड़ित परिवार ने कलेक्टर और पूर्व विधायक को खूब खरी-खोटी सुनायी. ये लोग पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद देने पहुंचे थे. अग्निकांड में अपने परिवार के 7 सदस्यों को खो चुके इन लोगों का गुस्सा, नेता और अफसर को देखते ही फट पड़ा. इनकी शिकायत थी कि अगर सिस्टम ठीक होता तो हमारे लोगों की जान बचायी जा सकती थी.

ग्वालियर के गोयल पेंट हाउस में सोमवार को भीषण अग्निकांड में 7 लोगों की जिंदा जलाने से मौत हो गयी थी. प्रदेश सरकार की ओर से गोयल परिवार को 28 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी गई. मुख्यमंत्री ने सभी मृतकों के परिवार को 4- 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता का ऐलान किया था.जब कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह और पूर्व विधायक मुन्ना गोयल ये सहायता राशि लेकर पहुंचे तो गोयल परिवार का गुस्सा फूट पड़ा. रोते बिलखते पिता ने अपनों की मौत के लिए फायर अमले की लापरवाही को जिम्मेदार बताया तो वही मासूम बच्चों को खोने के बाद बेसुध मां ने पूर्व विधयाक मुन्नालाल गोयल और कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह पर नाराजगी जताई. दुखी मां ने पीड़ा बयां कीं और स्थानीय लोगो ने खामियों पर सवाल उठाए.

पूर्व विधायक BJP नेता मुन्ना लाल गोयल ने कहा इस हादसे ने फायर सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है. ग्वालियर में फायर अमले के पास फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के ना तो संसाधन है और ना ही प्रशिक्षित अमला है. परिवार की नाराज़गी और शिकायतों के बाद कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने सभी खामियां दूर करने का आश्वासन दिया. कलेक्टर ने कहा कि कमियों-खामियों को निगम अमले के साथ बैठकर हल करेंगे.

गोयल पेंट हाउस में सोमवार को भीषण अग्निकांड हो गया था. दुकान के ऊपर मालिक का घर था. अग्निकांड में दुकान के मालिक गोयल परिवार के 7 लोगों की जलकर मौत हो गयी थी. इसमें 3 बच्चे भी शामिल हैं. आग लगने पर परिवार के लोगों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिल पाया. जो फायर ब्रिगेड पहुंची उसके पास ज़रूरी इंतज़ाम ही नहीं थे, इसलिए वो भी घर में फंसे लोगों को बाहर नहीं निकाल पायी.

Source : Agency