लखनऊ
देश में कोरोना वायरस का कहर बढ़ता ही जा रहा है. कोरोना वायरस के संकट से निपटने के लिए देश में 21 दिनों का लॉकडाउन जारी है. वहीं लॉकडाउन के बाद दिल्ली-राजस्थान समेत अन्य राज्यों से आए मजदूरों के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई मानवीय फैसले लिए हैं. कोरोना को लेकर मीटिंग में सीएम योगी ने निजी संस्थानों के कर्मचारियों को लेकर भी फैसले किए और हर कर्मचारी को वेतन दिलाने की बात अफसरों से कही. इसके अलावा लॉकडाउन में बंद संस्थान वेतन देंगे. वहीं सीएम योगी ने अफसरों को आदेश दिया है कि हर गरीब-मजदूर को एक हजार देंगे.

साथ ही सीएम योगी ने मकान मालिकों से अपील की है कि बकाए के चलते बिजली नहीं कटेगी. वहीं गरीबों से मकान मालिक किराया न ले. बिजली, पानी की आपूर्ति बनी रहेगी. इसके साथ ही सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आए लोगों की जिम्मेदारी हमारी है. उन्हें शुद्ध पानी, भोजन, दवाई देंगे. किसी को स्वास्थ्य का खतरा नहीं होगा. इसे लेकर हर जिले के डीएम को आदेश दिए गए हैं. साथ ही सीएम योगी ने आदेश दिया है कि सामानों की कीमत निर्धारित करें. जो गड़बड़ी करे उस पर कार्रवाई की जाए. जमाखोरी करने पर केस दर्ज करें. बता दें कि देश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है. अब तक देश में एक हजार से ज्यादा लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं.

यूपी में न आएं मजदूर
वहीं यूपी के गृह सचिव अवनीश अवस्थी ने कहा कि हमने लोगों से सड़कों पर नहीं निकलने का आग्रह किया है. दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को भी कहा गया है कि वे यूपी में न आएं. उनके लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि निजी कंपनियां भी अपने कर्मचारियों को वेतन दें.

कितने मामले दर्ज हुए?
उन्होंने बताया कि राज्य भर में लॉकडाउन के आदेशों का उल्लंघन करने पर अब कर 5183 एफआईआर दर्ज की गई हैं. वहीं कालाबाजारी अधिनियम की रोकथाम के तहत 20 मामले दर्ज किए गए हैं. पुलिस लाइन में भी खाने के पैकेट बनाए जाएंगे. राज्य भर में 850 सामुदायिक रसोई घर स्थापित किए गए हैं.

Source : Agency