नोएडा
कोरोना वायरस के संकट के बाद देश में 21 दिनों के लॉकडाउन का ऐलान किया गया. हालांकि इस लॉकडाउन के कारण हजारों मजदूर और गरीबों का पलायन भी देखने को मिला. इस बीच नोएडा प्रशासन ने जेपी यमुना एक्सप्रेसवे फ्लैट्स में प्रवासी मजदूरों को एक जगह पर रखने की योजना बनाई है. जेपी यमुना एक्सप्रेसवे फ्लैट्स को नोएडा प्रशासन ने प्रवासी मजदूरों के लिए टेक ओवर किया है. वहीं नोएडा के जिला मजिस्ट्रेट का कहना है कि मजदूरों को वेतन दिया जाना चाहिए. नोएडा के जिलाधिकारी बीएन सिंह ने कहा है कि मजदूरों का वेतन रोका नहीं जाएगा. उन्हें पूरी सैलरी मिलेगी.

दरअसल, कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए 21 दिनों के लॉकडाउन का ऐलान किया गया. जिसके बाद से देश के कई हिस्सों से गरीब और मजदूरों का पलायन देखा जा रहा है. यातायात के साधन न होने के बावजूद गरीब-मजदूर वर्ग के लोग पैदल ही अपने गांव की ओर चल निकले हैं. वहीं यूपी के गृह सचिव अवनीश अवस्थी ने कहा कि हमने लोगों से सड़कों पर नहीं निकलने का आग्रह किया है. दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को भी कहा गया है कि वे यूपी में न आएं. उनके लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि निजी कंपनियां भी अपने कर्मचारियों को वेतन दें. उन्होंने बताया कि राज्य भर में लॉकडाउन के आदेशों का उल्लंघन करने पर अब कर 5183 एफआईआर दर्ज की गई हैं. वहीं कालाबाजारी अधिनियम की रोकथाम के तहत 20 मामले दर्ज किए गए हैं. पुलिस लाइन में भी खाने के पैकेट बनाए जाएंगे. राज्य भर में 850 सामुदायिक रसोई घर स्थापित किए गए हैं. बता दें कि देश में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. देश में अब तक कोरोना वायरस के एक हजार से ज्यादा संक्रमित मामले सामने आ चुके हैं. वहीं दुनिया भर में कोरोना वायरस के कारण 31 हजार से ज्यादा लोगों की मौत भी हो चुकी है.

Source : Agency