बालोद
छत्तीसगढ़ के शहरी इलाकों में जहां लॉकडाउन के पालन के लिए पुलिस को डंडे तक चलाने पड़ रहे हैं. वहीं आदिवासी बाहुल्य इलाकों में सोशल डिस्टेंसिंग का खास ध्यान रखा जा रहा है. बालोद जिले के आदिवासी बाहुल्य गांव में ग्रामीणों को सब्जियां बांटी जा रही हैं. इसी दौरान बालोद के आदिवासी बाहुल्य प्री मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास मंगलतराई विकासखंड डौंडी में सोशल डिस्टेंसिंग का एक सकारात्मक नजारा देखने को मिला.

बालोद के प्री मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास मंगलतराई में ग्रामीणों को नि:शुल्क सब्जियां घर में खाने के लिए दी जा रही है. दरअसल शहरों में तो लोगों को बाजार से खाने पीने और सब्जी आसानी से मिल जा रही है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में लोगो को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन अब जिस तरह से बालोद जिले में मंगलतराई आदिवासी छात्रावास में लोगो को सब्जियां वहां के अधीक्षक के द्वारा बांटी जा रही है तो वहां के स्थानीय आदिवासी लोग काफी खुश हैं.

बालोद कलेक्टर रानू साहू ने बताया कि यह पहल कुछ दिन पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा चलाई गई योजना की है,  जिसमें प्रदेश जिले के आदिवासी छात्रावासो में जहां बाउंड्रीवाल है वहां पर सब्जियों को उगाने का निर्णय लिया गया था, जिसके तहत मुख्यमंत्री पोषण योजना के द्धारा बनाई गई वाटिका का अब सही उपयोग इस लॉकडाउन के समय ग्रामीणो को मिल रहा है. छात्रावास के अधीक्षक जगेशर राम गुरुपंच ने बताया कि सब्जियां गांव के लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए नि:शुल्क बांटी गई हैं.

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