इंदौर
मध्‍य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) शहर स्थित मनोरमा राजे टीबी अस्पताल (Manorama Raje TB Hospital) से फरार हुए कोरोना पॉजिटिव (Corona Positive) को उसके एक रिश्‍तेदार के घर से पकड़ लिया गया है. फिलहाल, आरोपी कोरोना पॉजिटिव मरीज को सुरक्षा के बीच आइसोलेटेड वार्ड (Isolated Ward) में रखा गया है. वहीं, जिला प्रशासन ने उस सभी रिश्‍तेदारों को क्‍वारंटाइन (Quarantine) में भेज दिया है, जिसके संपर्क में यह कोरोना पॉजिटिव मरीज अस्‍पताल के भागने के बाद संपर्क में आया था. साथ ही, जिला प्रशासन ने उस इलाके को भी क्‍वारंटाइन (Quarantine)  करने की कवायद शुरू कर दी है, जिस इलाके में इस कोरोना पॉजिटिव मरीज ने अपने रिश्‍तेदार के घर में पनाह ली थी.

उल्‍लेखनयीय है कि इंदौर के एमआरटीबी हॉस्पिटल  से शनिवार देर रात दो मरीज फरार हो गए थे. इसमें एक मरीज कोरोना पॅाजिटिव मरीज (Corona Positive Patient) था, जबकि दूसरे पर कोरोना संक्रमित होने की आशंका थी. दोनों मरीजों के भागने की खबर मिलते ही हॉस्पिटल प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए. तत्‍काल यह जानकारी, जिला प्रशासन और पुलिस के साथ साझा की गई. जिसके बाद, स्‍वास्‍थ्‍य विभाग, जिला प्रशासन और मध्‍य प्रदेश पुलिस की संयुक्‍त टीम इन दोनों मरीज की तलाश शुरू की. सबसे पहले यह टीम इन मरीजों के घर पहुंचे, लेकिन दोनों वहां नहीं मिले. लंबी कवायद के बाद कोरोना पॉजिटिव मरीज को उसके एक रिश्‍तेदार के घर से पकड लिया गया. जिसके बाद, कोरोना पॉजिटिव मरीज को वापस आइसोलेटेड वार्ड में भर्ती कर दिया गया है.

वहीं, इस मामले की प्रारंभिक जांच में अस्‍पताल प्रशासन की लापरवाही नजर आई है. जांच के दौरान, पता चला कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज अपने आइसोलेशन वार्ड से निकलकर करीब आधे घंटे तक अस्‍पताल परिसर में घूमता रहा. इसी बीच, अस्‍पताल में भर्ती कुछ मरीजों एवं उनके तिमारदारों ने व्‍यवस्‍थाओं को लेकर हंगामा मचाना शुरू कर दिया. इसी हंगामें का फायदा उठाकर दोनों मरीज अस्‍पताल से फरार होने में सफल हो गए. उल्‍लेखनीय है कि तीन दिन पहले रानीपुरा में रहने वाले तीन युवकों के कोरोना वायरस संक्रमित होने की आशंका जताई गई थी. जिसके बाद, इन तीनों मरीजों को इंदौर के एमआरटीबी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. मेडिकल टेस्‍ट में एक मरीज का टेस्‍ट पॉजिटव आया था, जबकि दूसरे का निगेटिव आया था. इन दोनों को अस्‍पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया था.

कोरोना पॉजिटिव मरीज के भागने के बाद सीएमएचओ डॉ प्रवीण जडिया ने इसकी जानकारी जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों को दी थी. आनन-फानन दोनों मरीजों की तलाश के लिए रैपिड एक्शन टीम रवाना की गई. देर रात तक टीमें मरीज को खोजती रही. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ प्रवीण जडिया ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव मरीज को उसके एक रिश्‍तेदार के घर से पकड़ लिया गया है. वहीं, इस घटनाक्रम के साथ, एमआरटीबी हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज के बीच सामंजस्य कम होने की बात भी सामने आइ है. मेडिकल कॉलेज द्वारा लिए जा रहे कई निर्णयों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को ही नहीं दी जा रही है. प्रशासन अब एमआरटीबी अस्पताल से संदिग्ध मरीजों की ओपीडी भी एमवाय और गोकुलदास अस्पताल में शिफ्ट करने की तैयारी कर रहा है.

Source : Agency