इंदौर
प्रदेश के बड़े शहरों में कोरोना को रोकने के लिए जिला और पुलिस प्रशासन के अफसर रात दिन एक किए हुए हैं। इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और भोपाल के अफसर पूरी मुस्तैदी के साथ इसमें जुटे हुए हैं। स्वयं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

इंदौर में कोरोना के अपर सेकेंड स्टेज में पहुंचने से रोकने के लिए अब कमान नवागत कलेक्टर मनीष सिंह और डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्रा को दी गई। मनीष सिंह ने शनिवार को और डीआईजी ने रविवार का चार्ज लिया। इंदौर को लॉक डाउन करने सहित तमाम व्यवस्थाओं को लेकर दोनों अफसरों ने शनिवार से ही काम शुरू कर दिया है। इलाज की भी दोनों अफसरों ने व्यवस्था देखी। मनीष सिंह ने कहा कि कोरोना का संक्रमण रोकना सबसे पहली प्राथमिकता है। सभी के सहयोग से कोरोना को हरा देंगे। कार्ययोजना पर तेजी से काम चल रहा है। वहीं डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्रा ने कहा कि पुलिस की पहली प्राथमिकता कोरोना का संक्रण रोकना है। चुनौती है, लेकिन इंदौर शहर के लोगों की मदद से हम सफल होंगे। वहीं संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी पिछले दस दिनों से कोरोना वायरस फैले ना इसे लेकर खासे सक्रिय है। इंदौर सहित पूरे संभागों के जिलों की पल-पल की जानकारी वे ले रहे हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए वे दिन-रात एक किए हुए हैं। लोगों को भी जागरुक करने के लिए अपने वीडियो जारी कर रहे हैं। नगर निगम आयुक्त आशीष सिंह भी इस संक्रमण को रोकने के लिए सड़कों पर मोर्चा संभाले हुए हैं।

Source : Agency