नई दिल्ली 
कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज के लिए दुनियाभर में चिकित्सा स्टाफ जुटा हुआ है। ऐसे में हरियाणा सरकार ने इससे जुड़े चिकित्सा और पारा मेडिकल स्टाफ जिनका इस माह रिटायरमेंट होना है की सेवा को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। क्राइसिस कॉर्डिनेशन कमिटी की बैठक में ये फैसला लिया गया है। देश  में कोरोना वायरस की सक्रियतता भयानक होती जा रही है। दरअसल संक्रमण अब देश में तेजी से फैल रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक अभी तक देश में इससे 10 लोगों की मौत हो चुकी है। राजधानी में मौत का दूसरा मामला सामने आया। वहीं, तमिलनाडु में भी एक मौत हुई है। इसके साथ ही देश में कोविड-19 के मरीजों की संख्या बढ़कर 605 हो गई।

कोरोना वायरस से निपटने के लिए देश में बुधवार से 21 दिनों का लॉकडाउन शुरू हो गया है। पीएम मोदी ने मंगलवार रात लॉकडाउन की घोषणा करते हुए लोगों से घर से बाहर नहीं निकलने को कहा था। उन्होंने कहा कि यह लॉकडाउन कर्फ्यू जैसा ही होगा। हालांकि, जरूरी सेवाओं की चीजें पहले की तरह ही चलती रहेंगी। इसको लेकर गृहमंत्रालय ने छह पन्नों वाली गाइडलाइन भी जारी की है।

अध्ययन में बताया गया है कि यदि कोरोना वायरस को रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किए गए तो 15 मई तक प्रति एक लाख आबादी में से 161 लोग कोरोना के संक्रमण का शिकार बन जाएंगे। अगर देशभर में इस दौरान यातायात प्रतिबंधित कर दिया जाए तो यह संख्या घटकर प्रति लाख आबादी पर 48 रह जाएगी। यातायात प्रतिबंध के साथ अगर लोगों को सोशल क्वारंटाइन कर दिया जाए तो भी प्रति लाख 4 लोग इस संक्रमण का शिकार होंगे। वहीं, एक सप्ताह का संपूर्ण लॉकडाउन कोरोना संक्रमण को एक व्यक्ति प्रति लाख आबादी पर ला सकता है। विशेषज्ञों की मानें तो तीन सप्ताह का लॉकडाउन कोरोना वायरस के संक्रमण को पूरी तरह निष्प्रभावी कर सकता है।

Source : Agency