भोपाल
मध्‍य प्रदेश के इंदौर में मार्च में होने वाले आईफा अवॉर्ड्स को लेकर राजनीति जारी है. पूर्व मंत्री विश्वास सारंग द्वारा मुख्‍यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर आईफा में आदिवासियों को मुफ्त में टिकट देने की मांग पर गृह मंत्री बाला बच्चन ने निशाना साधा है. उन्‍होंने कहा कि बीजेपी के लोगों को मुफ्त में टिकट चाहिए तो सीएम कमलनाथ से जाकर मिलें. मैं खुद भी आदिवासी हूं और खुद के लिए टिकट खरीदूंगा.

कमलनाथ सिंधिया पर कही ये बात
बाला बच्चन ने सीएम कमलनाथ और सिंधिया के टकराव के सवाल पर कहा कि सीएम शानदार तरीके से सरकार चला रहे हैं. देश और दुनिया में सीएम कमलनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की प्रसिद्धि बढ़ रही है. बीजेपी में दम था तो वो आईफा का आयोजन प्रदेश में करा देते. क्या पिछले 15 साल में बीजेपी की कोई बड़ी उपलब्धि रही है. सीएम ने साल भर में जो काम किए हैं उनको बीजेपी जानती है. बीजेपी को यह डर है कि अब छिंदवाड़ा जैसा मध्य प्रदेश बन जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि पहले बीजेपी ने आनन-फानन में कहा था कि 8 दिन की सरकार है, 1 महीने की सरकार है, अभी गिरा देंगे, जब चाहेंगे तब गिरा देंगे. यह बीजेपी की बौखलाहट है. जनता तुलना कर रही है कि पूर्व के 15 साल की सरकार और हमारी 1 साल की सरकार ने क्या किया है. अब प्रदेश की जनता को सब समझ आ रहा है.

पुलिस कमिश्नर सिस्टम, पीसीसी चीफ पर दिया जबाव
पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने पर गृह मंत्री बाला बच्चन ने कहा कि हमारे और मुख्यमंत्री के संज्ञान में यह मामला आया है. इस पर चर्चाएं चल रही हैं, जो प्रदेश के हित में होगा वह कदम उठाया जाएगा. समीक्षा चल रही है और फीडबैक भी ली जा रही है. जनता की सुरक्षा रक्षा के लिए जो प्रणाली बेहतर होगी उसे लागू किया जाएगा. उन्होंने पीसीसी चीफ की रेस में अपने नाम को लेकर कहा कि मैं एक पार्टी का कार्यकर्ता हूं. मैं काम करते करते यहां तक पहुंचा हूं. जबकि सत्ता और संगठन में समन्वय और सामंजस्य का काम अच्छे से बना हुआ है. मुख्यमंत्री अच्छे प्रदेश अध्यक्ष के रूप में काम कर रहे हैं.

बीजेपी सरकार के माफिया को खत्म कर रहे
आदिवासियों की जमीन पर माफिया के कब्जे को लेकर गृह मंत्री बाला बच्चन ने कहा कि माफिया माफिया होते हैं. माफिया की कोई जात बिरादरी नहीं होती है, वो सबको परेशान करते हैं. पूर्व की सरकार में जो माफिया पनपे थे, उनको खत्म करने के लिए 'शुद्ध के लिए हमारा युद्ध' चल रहा है और यह तब तक चलता रहेगा, जब तक प्रदेश माफिया मुक्त नहीं हो जाता. साथ ही उन्‍होंने बताया कि अब तक 615 भू-माफियाओं, 694 शराब माफियाओं और काफी संख्‍या में सहकारिता से संबंधित माफियाओं पर कार्रवाई हुई है. साथ ही कहा कि करीब 15 सौ करोड़ की शासकीय जमीन पर माफियाओं से खाली करवा ली है. हालांकि माफिया पर कार्रवाई का अभी तक अंत नहीं हुआ है, जब तक उनका खात्मा नहीं होता तब तक यह कार्रवाई जारी रहेगी.

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