छिंदवाड़ा
छिंदवाड़ा से कांग्रेस विधायक (congress mla) विजय चौरे (vijay chaoure) ने बीजेपी नेताओं को खुले मंच से धमकी दी है. उन्होंने एक कार्यक्रम में खुले आम कहा कि अगर कांग्रेस (congress) कार्यकर्ताओं पर आंच आयी तो वो बीजेपी नेताओं (bjp leaders) की खाल खींच लेंगे. मामला शिवाजी प्रतिमा की स्थापना को लेकर जारी विवाद का था.

छिंदवाड़ा में हाल ही में शिवाजी प्रतिमा की स्थापना को लेकर विवाद खड़ा हो गया था. हिंदू वादी संगठनों ने प्रशासन की इजाज़त के बिना सरकारी ज़मीन पर शिवाजी की प्रतिमा लगा दी थी. प्रशासन ने उसे हटवाया तो विवाद खड़ा हो गया था. हालांकि बाद में प्रशासन के आश्वासन पर मामला शांत हुआ और प्रतिमा स्थापित भी कर दी गयी. लेकिन कांग्रेस विधायक ने उसी पुराने मामले को लेकर नये सिरे से धमकी दे दी.

शिवाजी जयंती छिंदवाड़ा में विधायक विजय चौरे के घर पर एक कार्यक्रम था. उन्होंने उसमें शिवाजी की वीरता को तो याद नहीं किया बल्कि प्रतिमा स्थापना विवाद के मुद्दे पर आ गए. उन्होंने कहा पिछले कुछ दिनों से जो घटनाक्रम घटा जिसे लेकर बीजेपी राजनीति कर रही है. पिछले एक साल से प्रदेश में कमलनाथ सरकार है. विकास कार्य तेज़ी से हो रहे हैं. बीजेपी को कोई मुद्दा नहीं मिल रहा. वो न तो सांसद के खिलाफ कुछ बोल पा रही है न ही विधायक के खिलाफ उसे कोई मुद्दा मिल रहा है. एक साल की सरकारी की उपलब्धियां सबके सामने हैं. 15 साल की सत्ता हाथ से जाने की वजह से बीजेपी नेता तिलमिलाए हुए हैं. इसलिए वो बेवजह विवाद खड़ा कर रहे हैं. शांति और सौहार्द्र का माहौल बिगाड़ने का काम कर रहे हैं.

कांग्रेस विधायक विजय चौरे ने प्रतिमा विवाद का ज़िक्र करते हुए कहा, गलत काम और विवाद बीजेपी नेता आप करेंगे और बदनाम कांग्रेस को करेंगे. कांग्रेस का कोई माई का लाल ये बर्दाश्त नहीं करेगा.चौरे ने खुले मंच से ललकारा अगर बीजेपी ने किसी कांग्रेस नेता या कार्यकर्ता पर उंगली उठायी तो हम उसकी खाल खींचने में पीछे नहीं हटेंगे.

छिंदवाड़ा जिले के सौंसर के मोहगांव तिराहे पर कुछ हिंदूवादी संगठनों ने शिवाजी की प्रतिमा स्थापित कर दी थी. इसके लिए प्रशासन की इजाज़त नहीं ली थी. प्रशासन ने प्रतिमा को हटवा दिया था. आरोप लगा कि प्रशासन ने अपमानजनक तरीके से जेसीबी मशीन से प्रतिमा हटायी. बीजेपी इसके खिलाफ सड़क पर उतर आयी थी. शिवराज सिंह चौहान भी सौंसर गए थे और विरोध दर्ज कराया था. प्रशासन के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ और शिवाजी जयंती पर प्रतिमा स्थापित कर दी गयी.

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