भोपाल
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में पूर्ववर्ती सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन से गड़बड़ाई अर्थ-व्यवस्था के सुधार के लिये हरसंभव कदम उठाये जा रहे हैं। इसके अंतर्गत राज्य सरकार विकास परियोजनाओं के लिये बजट के परम्परागत आय स्रोतों पर निर्भर न रहकर वैकल्पिक वित्तीय स्रोत तलाश रही है। इसके अलावा परियोजनाओं को स्व-वित्त पोषित करने के तरीकों पर भी विचार होगा। इसके लिये देश में मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ की पहल पर पहली बार वैकल्पिक वित्तीय प्रबंधन पर 18 फरवरी को भोपाल के मिन्टो हॉल में ऐतिहासिक कार्यशाला की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि वित्त विभाग और अन्य शासकीय विभागों ने वित्तीय स्रोतों की जिन संभावनाओं पर विचार भी नहीं किया था, उस वित्तीय मॉडल पर मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने न सिर्फ विचार किया, बल्कि उसे प्रदेश हित में अमली जामा पहनाने का उपक्रम भी इस कार्यशाला के माध्यम से शुरू कर दिया है।

कार्यशाला का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ करेंगे। मुख्य अतिथि योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष तथा स्टर्न स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, न्यूयार्क में विजिटिंग प्रोफेसर श्री मोन्टेक सिंह अहलुवालिया होंगे।  आल्टरनेट प्रोजेक्ट फायनेंसिंग विषयक इस कार्यशाला में राज्य शासन के अधिकारी विभिन्न बैंकों के प्रमुख, वित्तीय विशेषज्ञ, औद्योगिक घरानों तथा अधोसंरचना निर्माण में लगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ वैकल्पिक वित्तीय प्रबंधन के संबंध में विचार-विमर्श किया जायेगा।

 प्रदेश में यह पहला अवसर होगा, जिसमें सेन्ट्रल बैंक के प्रबंध निदेशक श्री पल्लव महापात्रा, पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंध निदेशक श्री एस.एस.मल्लिकार्जुन राव सहित विभिन्न बैंको के कार्यपालक निदेशक, प्राईस वॉटर कूपर, एस.बी.आई. केप्स सहित राष्ट्रीय स्तर के विषय विशेषज्ञ  परियोजनागत वैकल्पिक वित्तीय प्रबंधन की रणनीति पर विचार-विमर्श करेंगे। इसके लिए कार्यशाला चार समूह में संचालित होगी। सामाजिक क्षेत्र, जल संसाधन व कृषि, अधोसंरचना निर्माण और ऊर्जा व औद्योगिक विकास पर विभागीय अधिकारी, विषय-विशेषज्ञ तथा वित्तीय प्रबंधन विशेषज्ञ, जानकारियों का आदान-प्रदान करेंगे और प्रदेश के परिप्रेक्ष्य में प्रभावी कार्ययोजना व सुझाव देंगे। मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ के निर्देश और मार्गदर्शन अनुसार होने वाली इस कार्यशाला में प्राप्त सुझावों का प्रस्तुतिकरण मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ के समुख किया जायेगा। कार्यशाला में प्राप्त सुझावों को आगामी बजट में सम्मिलित किया जायेगा।

Source : Agency