नई दिल्ली
अगर सबकुछ ठीक रहा तो भारत में विश्व की पहली हाइपरलूप ट्रेन दौड़ सकती है। हाइपरलूप ट्रेन एक ट्यूब से होकर गुजरती है और इसकी स्पीड 1200 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच जाती है। हाइपरलूप को लेकर वर्जिन ग्रुप ने अपना प्रस्ताव सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के सामने रखा है। ग्रुप चाहता है कि वह दिल्ली और मुंबई के बीच इस ट्रेन को चलाए।

गडकरी से मिले कंपनी के प्रतिनिधि
इस प्रॉजेक्ट को लेकर महाराष्ट्र सरकार से पहले भी बातचीत हो रही थी, लेकिन शिवसेना की सरकार बनने के बाद प्रॉजेक्ट को रोक दिया गया, जिसके बाद ग्रुप के प्रतिनिधि नितिन गडकरी से बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश में लगे हैं।

दिल्ली-मुंबई के बीच हाइपरलूप का प्रस्ताव
इकनॉमिक टाइम्स ने वर्जिन ग्रुप के सूत्रों के हवाले से कहा कि कंपनी के प्रतिनिधि दिल्ली से मुंबई के बीच 1300 किलोमीटर लंबी दूरी पर इस ट्रेन को चलाने के लिए नितिन गडकरी से मुलाकात की है। ग्रुप के कुछ प्रतिनिधि फिलहाल भारत आए हैं और प्रॉजेक्ट से जुड़े तमाम स्टेक होल्डर्स से बातचीत कर रहे हैं।

पहले मुंबई-पुणे के बीच हाइपरलूप चलाने की थी प्लानिंग
पिछले सप्ताह नितिन गडकरी ने कहा था कि उन्होंने बुलेट ट्रेन की तरह दूरे प्रॉजेक्ट को लेकर कुछ इन्वेस्टर्स से मुलाकात की है। वर्जिन ग्रुप पहले मुंबई और पुणे की बीच ट्रेन चलाने को लेकर अपना प्रस्ताव दिया था, जिसे तत्कालीन बीजेपी सरकार से मंजूरी भी मिल चुकी थी। प्रॉजेक्ट के पहले फेज में 11.8 किलोमीटर लंबा ट्रैक बनता, जिसकी लागत 10 अरब डॉलर थी। इसे बनने में 2.5 साल का वक्त लगता।

सीएम उद्धव ने बुलेट ट्रेन प्रॉजेक्ट को भी कैंसिल किया
कुर्सी संभालने के बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बुलेट ट्रेन समेत ऐसे तमाम प्रॉजेक्ट कैंसिल कर दिए हैं। डिप्टी सीएम अजीत पवार ने कहा था कि हमारी ऐसी आर्थिक स्थिति नहीं है कि हाइपरलूप जैसे कॉन्सेप्ट को अपने देश में प्रयोग में लाएं। फिलहाल ट्रांसपोर्ट के दूसरे माध्यम पर विचार किया जाएग। जब इस तरह की टेक्नॉलजी दूसरे देशों में प्रयोग में आएगी, तब हम इसके बारे में विचार करेंगे।

अन्य सेक्टर में भी निवेश करना चाहता है वर्जिन ग्रुप
ईटी ने एक सूत्र के हवाले से कहा कि हाइपरलूप को लेकर भले ही बातचीत हो रही हो, लेकिन यह अभी मुमकिन नहीं है। पूरे विश्व में अभी तक इस टेक्नॉलजी का कहीं भी इस्तेमाल नहीं हो रहा है। वर्जिन ग्रुप भारत में एविएशन, हॉस्पिटैलिटी, म्यूजिक और टेलिकॉम सेक्टर में भी निवेश करने की इच्छा जताई है।

Source : Agency