जमुई
बिहार के जमुई में पुलिसिंग की बेहतरीन तस्वीर देखने को मिली है. जिले के बरहट थाना इलाके के अति नक्सल प्रभावित गांव चौरमारा और गुरमाहा में पुलिस ने शिविर लगा कर ग्रामीणों को सहयोग का हाथ बढ़ाया. इस दौरान मुंगेर डीआईजी मनु महाराज ने पुलिस बल के साथ हार्डकोर नक्सली कमांडर बालेश्वर कोड़ा और अर्जुन कोड़ा के घर की तलाशी भी ली. नक्सल इलाके के गांव में पहंचे मुंगेर डीआईजी और जमुई एसपी ने घर-घर जाकर लोगों को शिविर में शामिल होने का न्योता दिया जहां लोगो को जरूरी सामान दिया गया.

सीआरपीएफ और जिला पुलिस बल के साथ पुलिस अधिकारियों ने लाल गलियारे में कैम्प लगाकर पिछड़े इलाके के लोगों को जरूरी सामान दिया और उनके इलाके की समस्याओं से रू-बरू होकर उन्हें भरोसा दिया. नक्सली इलाके में लगे शिविर के लिए जंगल के रास्ते को असमाजिक तत्वों ने अवरुद्ध कर पुलिस के काम को रोकने की भी कोशिश की लेकिन पुलिस ने अपने काम को जारी रखी.

मुंगेर प्रक्षेत्र के डीआईजी मनु महाराज और जमुई एसपी डॉ इनामुल हक और सीआरपीएफ 131 के कमांडेंट पंकज कुमार जिले के बरहट इलाके जो कि नक्सलियों का गढ़ भी कहा जाता है में ग्रामीणों के बीच कम्बल, मच्छरदानी, बर्तन जैसे जरूरी सामान को बांटा वहीं बच्चों के बीच स्लेट, कॉपी, कलम और चॉकलेट बांटकर उन्हें पढ़ाई करने का अपील किया. जिले के लखीसराय और मुंगेर सीमा पर घने जंगल और पहाड़ों के बीच पुलिस और सीआरपीएफ के अधिकारी पहुंचे और लोगों के सहयोग के लिए हाथ बढ़ाया.

मुंगेर डीआईजी मनु महाराज और एसपी ने लोगों से समस्याओं के बारे में भी जानकारी ली. आदिवासी बाहुल्य इलाके इन गांव के लोगों ने बताया कि प्रखंड मुख्यालय जाने में उन्हें 6 घण्टे लग जाते हैं. सरकारी अनाज लेने के लिए भी 10 किलोमीटर दूर बरहट जाना पड़ता है.डीआईजी मनु महाराज ने बताया कि नक्सली कारणों से इन इलाकों का विकास अभी तक नहीं हो सका है. पुलिस और प्रशासन के सहयोग से यहां की स्थिति में बदलाव जा रही है. बुनियादी सुविधाओं को भी दुरुस्त किया जाएगा जिसके लिए प्रशासन आगे का प्लान बनाएगी. महाराज ने बताया कि वैसे लोग जो इस इलाके से आते हैं और भटक कर नक्सली संगठन के साथ चले गए हैं उन लोगों से मेरी अपील होगी कि वे लोग मुख्य धारा में लौट कर अपने गांव और समाज को बेहतर बनाएं.

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