जबलपुर
राज्य सरकार की नई रेत नीति के खिलाफ मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में दाखिल जनहित याचिका पर आज सुनवाई होना है। विगत मंगलवार को इस मामले पर हुई सुनवाई के बाद चीफ जस्टिस अजय कुमार मित्तल और जस्टिस विजय कुमार शुक्ल की डिवीजन बेंच ने 13 फरवरी की तारीख तय कर दी थी।

 नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ. पीजी नाजपांडे, सीधी जिला के सिंहावल तहसील की ग्राम पंचायत बिहुरी की सरपंच उर्मिला साकेत सहित अन्य की ओर से दाखिल याचिका में नई रेत नीति के कुछ बिंदुओं पर असंवैधानिक होने का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि नर्मदा में मशीन से रेत खनन प्रतिबंधित है, लेकिन दूसरी नदियों में नहीं इस भेदभाव को समाप्त करना चाहिए। इसी तरह स्टोरेज का मामला जबलपुर,इंदौर,भोपाल व ग्वालियर में नियम लागू नहीं होने और शेष में लागू होने से असमंजस बना है।

याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील संजय के. अग्रवाल, दिनेश उपाध्याय,शांति तिवारी आदि का तर्क है रेत नीति पूरे प्रदेश में एक जैसी होना चाहिए ,लेकिन इस नीति में भेदभाव है जो कि संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।

Source : Agency